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आजमगढ़ जिला अस्पताल और सीएचसी में डिजिटल होंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, बार-बार काउंटर के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:22 PM (IST)

आजमगढ़ के जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. आजमगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा।

  2. ओपीडी से लेकर जांच रिपोर्ट तक की होगी ऑनलाइन निगरानी।

  3. मरीजों को बार-बार काउंटर के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तक स्वास्थ्य सुविधाओं को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी शुरु हो गई है। स्वास्थ्य सचिव परिवार कल्याण ऋतु महेश्वरी और सीओ आयुष्मान भारत अर्चना के नेतृत्व में प्रदेश भर के सीएमओ और एसीएमओ काे डिजिटल सुविधाओं को लेकर एक दिन का प्रशिक्षण दिया गया। अब जल्द ही ओपीडी से लेकर जांच रिपोर्ट तक की आनलाइन निगरानी होगी। इससे मरीजों को बार-बार काउंटर के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

जिला अस्पताल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में मरीजों से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से आनलाइन किया जाएगा।

ओपीडी, जांच, रिपोर्ट, उपचार और मरीज के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निगरानी करने में आसानी होगी।

मरीज के पंजीकरण से लेकर चिकित्सक के परामर्श और जांच रिपोर्ट तक की प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे कागजी रिकार्ड पर निर्भरता कम होगी और मरीज की पुरानी जांच व उपचार संबंधी जानकारी भी जरूरत के अनुसार देखी जा सकेगी।

अस्पतालाें की स्थिति का हो सकेगा सही आंकलन

डिजिटल व्यवस्था होने से किस अस्पताल में कितने मरीज पहुंचे, कितनी जांच हुईं, कितनी रिपोर्ट लंबित हैं और किन सेवाओं का कितना उपयोग हो रहा है, इसकी जानकारी आनलाइन उपलब्ध होने से स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों की स्थिति का आंकलन करने में आसानी होगी।

इन सेवाओं पर जोर

ऑनलाइन पंजीकरण और मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड, ओपीडी व चिकित्सकीय परामर्श की जानकारी, पैथोलाजी जांच और रिपोर्ट की डिजिटल उपलब्धता, मरीज के पुराने उपचार का रिकॉर्ड।

स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। आनलाइन निगरानी से पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों का रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। -डॉ. उमाशरण पांडेय, एसीएमओ।