विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आजमगढ़ में बनेगा ATS का फील्ड यूनिट कार्यालय, आतंकी गतिविधियों पर कसेगा शिकंजा

Published: Tue, 15 Sep 2026 09:53 AM (IST)

आजमगढ़ के मंदुरी एयरपोर्ट के पास 2.30 करोड़ रुपये की लागत से एटीएस का फील्ड यूनिट कार्यालय बनाया जा रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. मंदुरी एयरपोर्ट के पास 2.30 करोड़ रुपये से बनेगा एटीएस कार्यालय।

  2. आतंकी गतिविधियों की निगरानी और कार्रवाई में आएगी तेजी।

  3. पुलिस आवास निगम को निर्माण की जिम्मेदारी, 12 माह में हैंडओवर।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। आतंकी गतिविधियों में शामिल आरोपितों और आंतकियों की लगातार गिरफ्तारी और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े सदस्यों की धरपकड़ को देखते हुए मंदुरी एयरपोर्ट के पास आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) का फील्ड यूनिट कार्यालय बनाया जा रहा है।

करीब दो करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस कार्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी पुलिस आवास निगम को दी गई है। एटीएस की लगातार कार्रवाई को देखते हुए जिले में फील्ड यूनिट कार्यालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब मंदुरी एयरपोर्ट के पास करीब पांच हजार स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में दो मंजिला भवन का निर्माण शुरू हो गया है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के मानकों के कारण भवन को दो मंजिला बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा कर 12 माह के अंदर भवन एटीएस को हैंडओवर करना है।

पुलिस आवास निगम के सहायक अभियंता कमलेश मिश्रा ने बताया कि एटीएस के फील्ड यूनिट कार्यालय के लिए करीब दो करोड़ 30 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है।

इसी परिसर में सेंट्रल कमांड कंट्रोल (सीसीसी) केंद्र बनाने के लिए करीब 1.52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सीसीसी केंद्र में एटीएस के सीओ रैंक के अधिकारी समेत अन्य अधिकारी बैठेंगे।

मंदुरी एयरपोर्ट के पास एटीएस का कार्यालय बनने से जिले और आसपास के क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों की निगरानी और कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

कई बड़े आतंकी मामलों से जुड़ चुका है जनपद का नाम

आजमगढ़ का नाम कई चर्चित आतंकी मामलों में सामने आ चुका है। एटीएस ने शनिवार को अलकायदा की विचारधारा के प्रचार-प्रसार के आरोप में दीदारगंज थाना क्षेत्र के महमूदपुर चितारा गांव निवासी नबील मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। इससे पहले एटीएस ने 31 मई को निजामाबाद क्षेत्र से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली को दहलाने की साजिश के मामले में अप्रैल 2026 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र के पुणे से आजमगढ़ निवासी मोसैब उर्फ सोनू कलाम को गिरफ्तार किया था। वहीं, वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने जुलाई में 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा की पुष्टि की थी।

इनमें सात आजमगढ़ के रहने वाले थे। सरायमीर के बीनापार गांव निवासी अबु बशर और संजरपुर निवासी मोहम्मद सैफ को इन धमाकों का मास्टरमाइंड माना गया था। इसके अलावा संजरपुर के मोहम्मद आरिफ, मिर्जा नसीम, सरायमीर के इसरौली निवासी आरिफ बदर और बदरका निवासी सैफू रहमान अंसारी के नाम भी मामले में सामने आए थे। सुरक्षा एजेंसियों के लिए जिले से जुड़े कुछ फरार संदिग्ध अब भी चुनौती बने हुए हैं।

संजरपुर क्षेत्र से जुड़े बड़े साजिद, शादाब अहमद और मोहम्मद खालिद उर्फ कोढ़ी अब तक फरार हैं। एजेंसियां लंबे समय से उनकी तलाश में जुटी हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फरार संदिग्ध विदेश में ठिकाना बनाए हुए हैं और किसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- आजमगढ़ में बोलीं नेहा बोरा - 'छात्रों के शिक्षा, रोजगार और न्याय को लेकर जारी रहेगी लड़ाई'