आजमगढ़ में बोलीं नेहा बोरा - 'छात्रों के शिक्षा, रोजगार और न्याय को लेकर जारी रहेगी लड़ाई'
आजमगढ़ में जेन-जी महाजुटान में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर ...और पढ़ें
HighLights
नेहा बोरा ने शिक्षा व्यवस्था पर केंद्र-राज्य सरकार को घेरा।
छात्रों के शिक्षा, रोजगार और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार, दमन का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, आजमगढ़। नेहरू हाल में रविवार को आयोजित जेन-जी महाजुटान में आइसा (आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला किया। कहा कि यदि मौजूदा प्रणाली छात्रों को शिक्षा, रोजगार और न्याय नहीं प्रदान करती है, तो इसे बदलने की लड़ाई लड़ी जाएगी।
शिक्षा एवं रोजगार की लड़ाई को राजनीति के केंंद्र बिंदु में रखना है। आरक्षण और समुचित शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित न करने वाली सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। प्रयागराज, काशी हिंदू विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में ‘जेन-जी चौपाल' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
जंतर-मंतर पर किए गए आंदोलन की जीत का हिस्सा बताते हुए कहा कि अब छात्र व नौजवान मुखर हो गया है। आरोप लगाया कि महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार व अव्यवस्था का बोलबाला है। एक सितंबर को हरिऔध कला केंद्र में आरएसएस के छात्र संवाद कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति के शामिल होने पर कहा कि आरएसएस की दखलअंदाजी हर जगह हो गई है।
छात्र कुलपति का विरोध करते हैं तो उनके साथ पुलिस सत्ता के इशारे पर दमनकारी नीति अपनाती है। छात्र नेता विवेक यादव सहित उनके साथियों को नगर कोतवाली ले जाता है, उन पर मुकदमा दर्ज किया किया गया, जबकि छात्रों का विरोध जायज था। नेहा बोरा ने पिछले दिनों अजमतगढ़ स्थित स्मिथ कालेज में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्राें के आंदोलन का भी जिक्र किया।
कहा कि छात्रों के आंदोलन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और अगले दिन विषय विशेषज्ञ शिक्षक की तैनाती कर दी गई। प्रयोगशाला में व्यवस्था सुनिश्चित हो गई। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव में आइसा की भूमिका रहेगी। भाजपा सरकार के विरोधी पार्टियों से बात होगी। जिस तरह का समर्थन संभव होगा, वह किया जाएगा। बस मकसद केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार का विरोध है।
