जासं, आजमगढ़ : रेलवे ने कर्मचारियों के बीच शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए कलाई घड़ी नुमा डिवाइस तैयार किया है। इससे अगर कोई भूलवश नजदीक आया तो डिवाइस बजने लगेगा। काम के दौरान अक्सर कर्मचारी एक-दूसरे के पास चले जाते हैं जो इस समय कोरोना खतरे का कारण बन सकता है। कांस्ट्रक्शन कार्य में लगे कर्मचारियों के सामने इस तरह की समस्या ज्यादा उत्पन्न होती है। इस समस्या को विभाग ने महसूस किया तो डिवाइस का ईजाद किया है।

इस समय कोरोना से बचाव के लिए हर तरफ छह फीट की दूरी की एडवाइजरी जारी की जा रही है। यह डिवाइस कलाई घड़ी की तरह है और जिसकी कलाई में यह होगी वह किसी के भी नजदीक जाने पर अलार्म की तरह बजेगा। इससे संकेत मिल जाएगा कि वे सुरक्षा घेरे को तोड़ खतरे की ओर बढ़ रहे हैं। यदि सबकुछ ठीक रहा तो बहुत ही जल्द रेल कर्मचारियों के हाथों में डिवाइस घड़ी के रूप में देखने को मिलेगी। गोरखपुर के सहायक कारखाना प्रबंधक अनुज मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम ने इलेक्ट्रानिक डिवाइस बनाने में सफलता हासिल की है। इस डिवाइस को कलाई में पहनने के अलावा फिर जेब में भी रख सकते हैं।

ऐसे काम करेगी इलेक्ट्रानिक डिवाइस

इलेक्ट्रानिक डिवाइस ब्लूटूथ और प्राक्सीमिटी सेंसर के आधार पर काम करेगा। डिवाइस में एक ब्लूटूथ, प्राक्सीमिटी सेंसर, रिकार्डिंग चिप, अलार्म और चार्जेबल बैट्री होगी। प्राक्सीमिटी सेंसर दूरी को भांपकर ब्लूटूथ से डिवाइस एक दूसरे से जुड़ जाएगी। छह फीट से कम दूरी पर जैसे ही दो डिवाइस आएंगी अलार्म बजने लगेगा। एक बार चार्ज करने के बाद बैट्री तीन दिन तक चलेगी।

कौन-कौन कितनी बार आया

डिवाइस की एक और खूबी है। आपके पास कौन कितनी बार आया व कितनी तारीख और कितने बजे आया, यह सब पता चल जाएगा। जिस कर्मचारी को डिवाइस दी जाएगी, उसमें उसका कोड फीड किया जाएगा। ऐसे में कर्मचारी की गतिविधि भी उसमें दर्ज होती रहेगी।

वर्जन

कोरोना वायरस से कर्मचारियों का बचाव करने और शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए गोरखपुर के कारखाने में अनुज मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम ने इलेक्ट्रानिक डिवाइस बनाया है। फिलहाल अभी ट्रायल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। आगे देखा जाएगा, फिर डिसाइड होगा क्या करना है।

-अशोक कुमार, पीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी।

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