आजमगढ़ : मुख्य विकास अधिकारी कमलेश कुमार ¨सह ने कार्य में रुचि न लेने और शासकीय कार्यो के प्रति उदासीनता पर ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने चार सितंबर को विकास खंड तहबरपुर की ग्राम पंचायत सेमरा, पटखौली, ईसरपार के राजस्व गांव यादवपुर और चंदाभारी का आकस्मिक निरीक्षण किया था। उन्होंने शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, लोहिया ग्रामीण आवास का भौतिक सत्यापन किया था। सेमरा गांव की अनुसूचित बस्ती में निरीक्षण के दौरान मेवा पुत्र पतरू, अनिल पुत्र मेवा के पास कच्चा मकान पाया गया, जबकि वे आवास और शौचालय के लिए पात्र हैं। परियोजना निदेशक डीआरडीए को निर्देशित किया था कि संबंधित लाभार्थियों को आवासीय सुविधा देने के लिए नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। औचक निरीक्षण में पाया गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी प्रवीण कुमार को शासन स्तर से संचालित महत्वपूर्ण विकास कार्यक्रमों की न तो सम्यक जानकारी है और न ही उन्हें गांव के निवासियों के बारे भली-भांति जानकारी है। ग्रामीणों द्वारा यह भी तथ्य संज्ञान में लाया गया कि ग्राम पंचायत सचिव कभी भी ग्राम पंचायत में उपस्थित नहीं होते हैं, बल्कि गांव में कार्यरत दो सफाईकर्मियों के सहयोग से ग्राम पंचायत के विकास कार्यो का संपादन किया जा रहा है। पटखौली की अनुसूचित बस्ती में राजदेव राम पुत्र श्यामनाथ (50) का कच्चा मकान बरसात में गिर गया था। पूछताछ में कोई शासकीय अनुदान उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति संज्ञान में लाई गई, जबकि वे आवासीय सुविधा के लिए पात्र हैं। पीडी को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

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