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यूपी STF ने 50 हजार के इनामी शराब तस्कर को पंजाब से किया गिरफ्तार, ट्रकों में छिपाकर ले जाता था शराब

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:06 AM (IST)

एसटीएफ ने आजमगढ़ के तहबरपुर थाने में दर्ज शराब तस्करी के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी गैंगस्टर सुखबिंदर सिंह को पंजाब से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ की गिरफ्त में गैंग्सटर सुखबिंदर सिंह

एसटीएफ की गिरफ्त में गैंग्सटर सुखबिंदर सिंह

HighLights

  1. एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी शराब तस्कर सुखबिंदर को पकड़ा।

  2. आरोपी सुखबिंदर सिंह को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से गिरफ्तार किया।

  3. आजमगढ़ पुलिस को शराब तस्करी मामले में फरार सुखबिंदर की तलाश थी।

जागरण संवाददाता, आजमगढ़। तहबरपुर थाने में शराब तस्करी के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी गैंग्सटर सुखबिंदर सिंह को एसटीएफ की टीम ने पंजाब से गिरफ्तार कर लिया।

सुखबिंदर को एसटीएफ ने फतेहगढ़ साहिब जिले के बडाली आला सिंह थाना क्षेत्र से गुरुवार की शाम 6:30 बजे गिरफ्तार किया था। आरोपित को रिमांड पर लेने की कार्रवाई आजमगढ़ पुलिस कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि वर्ष 2022 में आरोपित सुखबिंदर डीसीएम (छोटा ट्रक) से पंजाब से वाराणसी साइकिल व उसके पार्ट्स लाता था।

बाद में उसकी मुलाकात राजू सिंह और गुरप्रीत सिंह निवासी बासी पठाना, फतेहगढ़ साहिब से हुई। दोनों शराब की तस्करी करते थे। लालच में आकर सुखबिंदर सिंह ने भी साइकिल के पार्ट्स पहुंचाने की आड़ में शराब तस्करी शुरू कर दी।

50 हजार का इनाम था घोषित

एएसपी ने बताया कि 10 मार्च 2025 को वह अपने साथी राजू के साथ दो डीसीएम से हरियाणा से 40 पेटी अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जा रहा था। तहबरपुर थाने की पुलिस ने उसे और राजू को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास मधशिया अंडरपास के निकट दो डीसीएम के साथ पकड़ लिया।

तलाशी लेने पर डीसीएम के टूल बाक्स में छिपाकर रखी गई शराब पुलिस ने बरामद कर ली। इस मामले में पुलिस ने सुखबिंदर और राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि गुरप्रीत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी।

करीब 16 दिन बाद जमानत मिलने पर सुखबिंदर बाहर आया और फरार हो गया। पुलिस उसकी और गुरप्रीत की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। जल्द गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने सुखबिंदर और गुरप्रीत पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

डीआईजी सुनील कुमार ने आठ सितंबर को इसे पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया। पुलिस अभी भी गुरप्रीत की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

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