आजमगढ़ : सामाजिक संगठन फिराक द्वारा मतदाता जागरुकता कार्यक्रम के तहत कोलकाता से विशेष रूप से आमंत्रित किए गए जल योगी डा. मोतीलाल अग्रहरि गुप्तेश ने सिधारी स्थित तमसा घाट पर तमसा में प्रवेश कर व जल में योग क्रिया एवं दिखा कर उपस्थित मतदाताओं को इस हैरत अंगेज योग से दातों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया।

जल योगी गुप्तेश ने योग के दुर्लभ दृश्य देख रहे वोटरों से अपील की कि हर मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व चुनाव में मतदान कर स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जिस प्रकार योग के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है उसी प्रकार केवल वोट देकर आप एक स्वस्थ समाज और स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण कर सकते हैं। जल योगी ने कहा कि मतदाता जाति और धर्म का भेदभाव भुला स्वयं को केवल भारतीय समझें और चुनाव को देश का सबसे बड़ा भारतीय त्योहार समझ इसे मतदान केन्द्र पर जा वोट देकर मनाएं। सामाजिक संगठन फिराक के सचिव डा. शारिक अहमद खान ने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व को ऐसे मनाएं कि इसमें आपसी भाईचारे की प्रतीक ईद की सेवइयों सी मिठास घुल जाए और मतदान के दिन हाथ की अंगुली पर लगने वाली स्याही होली के रंग सा उल्लास भर दें। डा. मोतीलाल अग्रहरि गुप्तेश ने तमसा की धारा के बीच वृक्षासन, नमस्कार, सूर्य नमस्कार, पद्मासन नमस्कार जैसी कई योग कलाओं का प्रदर्शन किया। वे बिना हाथ पैर हिलाए नदी की धारा में ऐसे विश्राम करते रहे जैसे घर के बिस्तर पर लेटे हों। वे संभवत: देश और दुनिया की ऐसी अकेली शख्सियत है जो नदी की धारा में ऐसी योग क्रियाएं करने में सक्षम हों। डा. गुप्तेश ने बताया कि वे मूलरूप से जनपद के मिल्कीपुर पवई के निवासी हैं। इनके पिता स्व. रामदास कलकत्ता में वैद्य थे। वहीं कोलकाता में गुप्तेश की शिक्षा-दीक्षा हुई। इस अवसर पर संजय दूबे, मो. जैद, सुधीर राय, वेद प्रकाश यादव, गुलाब यादव, अशोक राजभर आदि उपस्थित थे।