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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विहिप का अल्टीमेटम, पूछा- दोषियों पर अब तक FIR क्यों नहीं? रख दीं 4 मांगें

Published: Thu, 25 Jun 2026 12:17 PM (IST)

विहिप ने अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से कथित वित्तीय अनियमितताओं पर मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने दोषियों ...और पढ़ें

HighLights

  1. विहिप ने राम मंदिर दानपात्रों में अनियमितताओं पर मोर्चा खोला।

  2. दोषियों पर तत्काल FIR और जांच में तेजी की मांग।

  3. फास्ट-ट्रैक कोर्ट से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की अपील।

डिजिटल डेस्क, जागरण, अयोध्या। अयोध्या के ऐतिहासिक राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े वित्तीय हितों और इसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अब मोर्चा खोल दिया है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विशेष पोस्टर साझा करते हुए प्रशासन से त्वरित कानूनी कदम उठाने की जोरदार वकालत की।

उगते सूर्य की आभा के बीच भव्य राम मंदिर की तस्वीर वाले इस पोस्टर का शीर्षक 'अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के मामले में' रखा गया है, जिसके जरिए जिम्मेदार अधिकारियों से कड़े कदम उठाने की अपील की गई है।

विहिप की चार प्रमुख मांगें

  • कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
  • मंदिर से जुड़े मामलों की चल रही या जरूरी जांच में तेजी लाई जाए।
  • रोजाना सुनवाई और समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बने या उसे सक्रिय किया जाए।
  • दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
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क्या है पूरा मामला और विहिप की चिंता?
आलोक कुमार ने 'जय श्री राम' के नारे के साथ अपनी बात को समाप्त करते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान पात्रों (हुंडी) में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। गौरतलब है कि इस ट्रस्ट का गठन साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद, 2020 में मंदिर निर्माण और उसके सुचारू प्रबंधन के लिए किया गया था। हालांकि, हाल ही में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान में गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह ट्रस्ट जांच के दायरे में आ गया है।

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शुरुआती दौर में दान में हुई इस हेराफेरी या गायब फंड का अनुमान ₹7 करोड़ से ₹7.5 करोड़ के आसपास लगाया जा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, यह दावा किया जा रहा है कि गायब हुई धनराशि का वास्तविक आंकड़ा सैकड़ों करोड़ रुपये तक हो सकता है, जिसमें भक्तों द्वारा समर्पित भारी-भरकम नकदी के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्रियां भी शामिल हैं।