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अयोध्या में बालिकाओं को सशक्त बनाने वाली शिक्षक होंगी सम्मानित, मिलेंगे तीन लाख रुपये

Published: Thu, 10 Sep 2026 12:09 PM (IST)

बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षकों को अब 'बालिका शिक्षा पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा।

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HighLights

  1. बालिका शिक्षा व सशक्तिकरण में उत्कृष्ट कार्य हेतु पुरस्कार।

  2. राज्यस्तरीय 'बालिका शिक्षा पुरस्कार' में तीन लाख रुपये मिलेंगे।

  3. शिक्षिकाओं का चयन नामांकन, उपस्थिति, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन पर।

विनोद यादव, अयोध्या। बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षक के प्रयास व नवाचार को अब नई पहचान मिलेगी। साथ ही उसे सम्मानित किया जाएगा।

यह प्रयास एक निजी संस्था का है, जिस पर सरकार ने मुहर लगा दी है और इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर निर्देश जारी कर आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए बाकायदा विभाग ने एक लिंक जारी कर दिया है। इस प्रयास से नारी सशक्तिकरण व बालिका संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बेटियां अपने-अपने सपनों के आकाश का सृजन कर सकेंगी।

शिक्षकों को इस दिशा में कार्य करने के लिए सीखो सिखाओ अवार्ड्स के अंतर्गत बालिका शिक्षा पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन 20 सितंबर तक किया जा सकेगा।

बालिका शिक्षा पुरस्कार के लिए राजकीय इंटर कालेजों में कार्यरत ऐसी शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए चयनित किया जाएगा, जिन्होंने सिर्फ बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट, प्रभावी एवं अनुकरणीय कार्य किये हैं।

बालिका शिक्षा पुरस्कार के लिए चयनित होने वाली प्रदेश की एक शिक्षक को तीन लाख रुपये पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। शिक्षकों का आकलन बालिकाओं के नामांकन, नियमित उपस्थिति, शिक्षा की निरंतरता, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन, आत्मनिर्भरता के लिए अनुकूल शैक्षिक वातावरण विकसित करने के पैमाने पर किया जाएगा। इस नवाचार को मूर्त रूप देने वाली संस्था सीखो, सिखाओ फाउंडेशन है।

जिला विद्यालय निरीक्षक डा. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि यह पुरस्कार प्रदेश स्तर पर दिया जाएगा। आवेदन शुरू हैं, सभी जिलों की आवेदकों के कार्यों की परख करके ही एक ही महिला शिक्षक को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। बताया कि इस पुरस्कार के अंतर्गत पांच श्रेणियां हैं। इसमें एक अहम शिक्षक सम्मान है।

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