विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मखाने की खेती करने वाले किसानों को यूपी सरकार देगी पैसा, 50% अनुदान से बदलेगी किस्मत

By Nafees Edited By: Ashish Mishra
Published: Fri, 02 Oct 2026 08:04 PM (IST)

तराई क्षेत्र के किसानों के लिए मखाना की खेती आय बढ़ाने का नया जरिया बन सकती है, जिसके लिए उद्यान विभाग 50% अनुदान दे रहा है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. मखाना की खेती पर 50% अनुदान दे रही यूपी सरकार।

  2. किसान 31 मार्च तक कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन।

  3. तालाब निर्माण हेतु भी मिलेगी ₹52,500 तक की सहायता।

नफीस खां, रुदौली (अयोध्या)। तराई क्षेत्र के किसानों के लिए मखाना की खेती आय बढ़ाने का नया जरिया बन सकती है। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की मखाना विकास योजना के तहत किसानों से आवेदन शुरू हो गए हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। एक हेक्टेयर तालाब में मखाना की खेती करने वाले पात्र किसान को खेती की लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान उद्यान विभाग की ओर से दिया जाएगा।

रुदौली समेत तराई क्षेत्र में वेटलैंड भूमि और बड़ी संख्या में राजस्व ताल-पोखरों की उपलब्धता को देखते हुए मखाना उत्पादन की अच्छी संभावना मानी जा रही है। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में मखाना की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का विकल्प बन सकती है।

मखाना की खेती मुख्य रूप से पानी में की जाती है। जिन किसानों के पास पहले से तालाब उपलब्ध नहीं है, वे खेत तालाब योजना के तहत अपने खेत में तालाब की खोदाई करा सकते हैं। भूमि संरक्षण विभाग की योजना से तालाब निर्माण के लिए अधिकतम 52,500 रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।

इस तरह मखाना उत्पादन के इच्छुक किसानों को दो विभागों की योजनाओं का लाभ मिल सकता है। तालाब तैयार कराने के लिए भूमि संरक्षण विभाग से सहायता और मखाना उत्पादन की लागत में उद्यान विभाग से अनुदान मिलने से किसानों की शुरुआती लागत कम होगी।

मखाना को पौष्टिक खाद्य पदार्थ और हेल्दी स्नैक के रूप में बाजार में अच्छी मांग मिल रही है। विभाग का मानना है कि इसकी खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जलभराव वाले ऐसे क्षेत्र जहां पारंपरिक फसलों की खेती मुश्किल होती है, वहां मखाना उत्पादन बेहतर विकल्प बन सकता है।

उद्यान निरीक्षक यशवंत पटेल ने बताया कि मखाना उत्पादन के इच्छुक किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और 31 मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं।

एक हेक्टेयर तालाब में मखाना की खेती के लिए योजना के तहत लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। किसानों को उन्नत किस्मों, बोआई, फसल प्रबंधन और तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किसानों को समय रहते पंजीकरण कराकर योजना का लाभ लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें- ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर 34 किमी तक ट्रायल शुरू, स्पीड तेज होने पर ऑटोमैटिक कटेगा चालान