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रामलला के परिधान अयोध्या में ही सिलवाने का ट्रस्ट का फैसला विफल, ऑर्डर और टेलर को किया गया मना  

Published: Fri, 16 Oct 2026 08:12 AM (IST)

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की रामलला के परिधानों को अयोध्या में ही सिलवाने की योजना विफल हो गई है।

अयोध्या राम मंदिर।

अयोध्या राम मंदिर।

HighLights

  1. रामलला के वस्त्र अयोध्या में सिलवाने की योजना विफल।

  2. ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी पर आपूर्ति बाधित करने का आरोप।

  3. सूरत से मंगाया गया वेलवेट कपड़ा अस्वीकृत, पुराने वस्त्र उपयोग।

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर में विराजमान रामलला को अयोध्या में ही सिलवा कर नित-नए परिधान पहनाने की श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की योजना विफल हो गई है।

ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी की ओर से कपड़ों की आपूर्ति बाधित किए जाने के बाद ट्रस्ट ने स्थानीय स्तर पर एक टेलर को तय करके सूरत से कपड़े का ऑर्डर भी बुक कर दिया था, परंतु ऐन मौके पर इसे रोक देना पड़ा।

हालांकि, ड्रेस डिजाइनर ने नियमित आपूर्ति का दावा किया है, परंतु इसे ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य और रामलला के अर्चक ही अस्वीकार करते हैं। यही कारण है कि इन दिनों रामलला को प्रतिदिन नए परिधान नहीं पहनाए जा रहे हैं।

राम मंदिर की 22 जनवरी 2024 को हुई प्राण प्रतिष्ठा के समय से ही रामलला को प्रतिदिन नए परिधान पहनाए जा रहे हैं। यह परिधान दिन के अनुसार अलग-अलग रंगों के होते हैं। प्रारंभ से ही रामलला के कपड़ों की खेप दिल्ली के प्रसिद्ध ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी की ओर से भेजी जा रही है।

दो सालों से रोक रामलला के कपड़े बदले जा रहे

यह क्रम पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा है। सूत्राें का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व ट्रस्ट ने कतिपय कारणों से इन परिधानों की सिलाई स्वयं के स्तर से अयोध्या में कराने की योजना बनाई, तो ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी की ओर से नियमित आपूर्ति बाधित कर दी गई।

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इस कारण किसी दिन कपड़े पहुंच रहे हैं, तो किसी दिन नहीं। इस बीच ट्रस्ट ने धार्मिक समिति की सहमति से रामलला के कपड़े सिलवाने के लिए सूरत के एक कपड़ा व्यापारी के यहां लगभग आठ सौ मीटर कपड़े का ऑर्डर कर दिया और मंदिर के समीप के पहाड़ी टेलर्स (बाबूलाल) को बुक भी कर दिया।

टेलर को सिलाई से करना पड़ा मना

कपड़ा वहां से आता, इससे पहले ही उसे अस्वीकृत करना पड़ा। धार्मिक समिति के सदस्य और रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने बताया कि वहां से वेलबेट का मखमली कपड़ा मंगवाया जा रहा था, जिसे मंदिर के व्यवस्था प्रभारी आशीष अग्निहोत्री ने यह कहते हुए रोक दिया कि ऐसा कपड़ा कभी पहनाया नहीं गया है।

उनके स्तर से ही टेलर को भी मना कर दिया गया। अब शनिवार को होने वाली धार्मिक समिति में चर्चा के उपरांत तय किया जाएगा। वहीं, ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने ‘दैनिक जागरण’ से बातचीत में प्रतिदिन कपड़े भेजने का दावा किया है।

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डिजाइनर ने ही अयोध्या में कपड़े सिलवाने का दिया था सुझाव

साथ ही यह भी दावा किया कि उन्होंने ही ट्रस्ट को अयोध्या में कपड़े सिलवाने का सुझाव दिया था। दूसरी ओर, रामलला के अर्चकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इन दिनों नए कपड़े नियमित नहीं पहनाए जा रहे हैं। गत रविवार व गुरुवार को छोड़ दिया जाए, तो पुराने कपड़ों काे धुलवा कर पहनाया गया है।

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