राम मंदिर सीईओ चयन: अंतिम फैसले का इंतजार खत्म, समिति ने ट्रस्ट को सौंपा तीन नामों का पैनल
राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर है। चयन समिति ने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर चल रही कवायद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। करीब दो माह चली चयन प्रक्रिया के बाद गठित कमेटी ने तीन योग्य प्रत्याशियों का पैनल तैयार कर लिया है।
समिति ने मंगलवार को तीन नामाें का पैनल ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, ट्रस्टी महांत दिनेंद्र दास, अंतिरम महासचिव कृष्ण मोहन, डीएम शशांक त्रिपाठी, विशेष आमंत्रित सदस्य दिनेश, सचिव जगदीश आफले, जगन्नाथ गुलवे और बजरंग बागड़ा समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
ऐसे में अब सभी की निगाहें ट्रस्ट के फैसले पर टिक गई हैं कि वैश्विक फलक के इस ट्रस्ट की प्रशासनिक कमान किसे सौंपी जाएगी। अब बुधवार को ट्रस्टी इन तीन नामों में से एक के नाम की घोषणा करेंगे।
सीईओ चयन के लिए गठित समिति में अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े सोमवार को ही रामनगरी पहुंच गए थे। रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के व्यापक अनुभव वाली समिति ने प्रत्याशियों के संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन क्षमता, सत्यनिष्ठा और दृष्टिकोण को परखने के लिए बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाई।
5585 से 16 और अब तीन नाम
सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया की शुरुआत 5585 आवेदनों से हुई थी। तकनीकी स्क्रीनिंग और मैनुअल मूल्यांकन के जरिए आवेदनों की छंटनी की गई। कई चरणों की जांच के बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम दौर के लिए चुना गया। इनसे 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में आमने-सामने विस्तृत संवाद किया गया। इससे पहले तीन से छह अगस्त तक आनलाइन संवाद प्रक्रिया भी हुई थी। इसी मूल्यांकन के आधार पर अब तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है।
छह जुलाई को हुआ था कमेटी का गठन
सीईओ चयन समिति का गठन छह जुलाई को किया गया था। 11 जुलाई को हुई पहली बैठक में चयन प्रक्रिया और पात्रता मानदंड तय किए गए। 14 जुलाई को समीर पंडा को कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया और 18 जुलाई को आवेदन प्रक्रिया बंद हो गई। जुलाई के शेष दिनों में आवेदनों की समीक्षा और मूल्यांकन किया गया। इसके बाद अगस्त में आनलाइन और प्रत्यक्ष संवाद की प्रक्रिया पूरी की गई।
ट्रस्ट के फैसले से खुलेगा अगला अध्याय
समिति के सचिव समीर पंडा ने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया योग्यता-आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता, पारदर्शिता और व्यावसायिक आचरण के उच्चतम मानकों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में चयन प्रक्रिया को योग्यता आधारित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बताया है।
समिति के अनुसार, तीनों चयनित प्रत्याशी संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता और सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों पर खरे उतरते हैं। अब न्यास इन तीन नामों पर विचार करेगा। बुधवार को अंतिम चयन और आधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की ओर से की जाएगी।
