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रामलला का VIP दर्शन अब होगा आसान, पास का कोटा दोगुना करने की तैयारी में ट्रस्ट

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:27 PM (IST)Updated: Sat, 17 Oct 2026 09:28 PM (IST)

अयोध्या में रामलला के वीआईपी दर्शन अब और सुगम होंगे, क्योंकि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दर्शन पास की संख्या दोगुनी ...और पढ़ें

वीआईपी दर्शन पास का कोटा दोगुना करेगा ट्रस्ट।

वीआईपी दर्शन पास का कोटा दोगुना करेगा ट्रस्ट।

HighLights

  1. ट्रस्ट वीआईपी दर्शन पास की संख्या दोगुनी करेगा।

  2. प्रतिदिन 1800 से 3600 पास जारी होंगे।

  3. साधु-संतों व विशिष्टजनों को आसानी होगी।

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर के भूतल पर विराजमान रामलला का वीआईपी दर्शन अब और आसान होने जा रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट शीघ्र ही वीआईपी दर्शन पास की संख्या को दोगुना करने जा रहा है। इस संबंध में ट्रस्टियों के साथ विचार-विमर्श किया जा चुका है। एक-दो दिन में महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि इसकी घोषणा करने वाले हैं।

दर्शन पास का कोटा बढ़ाए जाने से स्थानीय साधु-संतों व अन्य विशिष्टजनों काे वीआईपी दर्शन के लिए पास आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। ट्रस्ट के निर्धारित कोटा बढ़ाने से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का भी प्रतिदिन का कोटा बढ़ जाएगा।

राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत से ही ट्रस्ट प्रतिदिन दो प्रकार के पास के माध्यम से वीआईपी दर्शन कराता है। सुगम व विशिष्ट दर्शन पास के लिए ट्रस्ट ने प्रतिदिन का कोटा निर्धारित कर रखा है।

सुगम पासधारक श्रद्धालु रामजन्मभूमि पथ (मुख्य प्रवेश मार्ग) पर दायीं ओर की आरक्षित लेन से और विशिष्ट दर्शन पासधारक रंगमहल बैरियर (गेट संख्या-दो) की ओर से प्रवेश करके दर्शन करते हैं। दोनों के लिए मंदिर में भी अलग-अलग लेन हैं।

ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा के समय से ही प्रतिदिन की छह स्लाटों के लिए कुल 1800 पास का कोटा निर्धारित किया है। इसमें सुगम की अपेक्षा विशिष्ट पास कम होते हैं। प्रत्येक स्लाट के पास दो-दो घंटे के लिए ही बनाए जाते हैं। अभी एक स्लाट में अधिकतम 300 पास जारी होते हैं। इसी में सुगम व विशिष्ट दोनों समाहित हैं।

सभी ऑफलाइन दर्शन पास ट्रस्टियों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की संस्तुति पर बनते हैं। अलग-अलग अधिकारियों के लिए भी भिन्न-भिन्न कोटा तय है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आनलाइन व्यवस्था भी की है, लेकिन वेबसाइट से केवल सुगम दर्शन पास ही बनते हैं। अब जबकि ट्रस्ट ने दर्शन पास का प्रतिदिन का कोटा बढ़ाकर दोगुना करने का विचार बनाया है, तो प्रतिदिन छह स्लाटों में कुल 3600 पास जारी हो सकेंगे।

यह संख्या ट्रस्ट व पुलिस-प्रशासन के स्तर से बनने वाले दर्शन पास को मिलाकर रहेगी। माना जा रहा कि ट्रस्ट ने अधिकाधिक साधु-संतों को रामलला का वीआईपी दर्शन कराने के लिए यह योजना बनाई है। सूत्रों ने बताया कि महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि एक-दो दिन में इसकी घोषणा भी करने वाले हैं।

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