दीपोत्सव में इस बार फसाड लाइट से जगमग होगा रामलला का धाम, हैवल्स ने संभाली कमान
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की फसाड लाइटिंग का 75% कार्य पूरा हो चुका है, शेष 25% दीपावली से पहले पूरा ...और पढ़ें
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HighLights
राम मंदिर फसाड लाइटिंग का 75% कार्य पूर्ण।
शेष 25% कार्य दीपावली से पहले होगा पूरा।
दीपोत्सव में राम मंदिर हैवल्स लाइट से जगमगाएगा।
लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर में कराया जा रहा फसाड लाइटिंग का कार्य लगभग पूरा होने की ओर है। शेष रह गए 25 प्रतिशत कार्य को दीपावली के पहले तक पूरा करने का लक्ष्य है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण में इस वर्ष ट्रस्ट ने राम मंदिर, परकोटा और पूरक मंदिरों को फसाड लाइट से ही जगमगाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा पूरे रामजन्मभूमि परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों व हेलोजन के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा। शेषावतार मंदिर की फसाड लाइटिंग दीपावली के बाद कराने का विचार है। वहीं, परकोटे के बाहर बने सप्तर्षि मंदिरों में अभी फसाड लाइटिंग नहीं कराई जा रही है।
ट्रस्ट ने रामजन्मभूमि परिसर में निर्मित राम मंदिर सहित सात पूरक मंदिरों और 734 मीटर लंबे परकोटे को फसाड लाइट से आच्छादित कराने के लिए प्रतिष्ठित इलेक्ट्रिक कंपनी हैवल्स को दायित्व सौंप रखा है। हैवल्स ने इसी वर्ष तीन माह पूर्व यहां कार्य शुरू किया था। फसाड लाइटिंग के लिए परिसर के सभी प्रकल्पों की प्रोफाइलिंग कंपनी के लगभग 60 कर्मचारी कर रहे हैं।
बारीक कार्य होने की वजह से इसमें समय लग रहा है। कार्यदायी कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि राम मंदिर के सभी मंडपों यथा नृत्य, सभा, रंग, प्रार्थना व कीर्तन मंडप और मुख्य शिखर पर प्रोफाइलिंग करा दी गई है। एक-दो पूरक मंदिरों पर अभी प्राेफाइल बिछानी है।
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परकोटे का भी कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल 25 प्रतिशत कार्य ही शेष है। इसे पांच नवंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। जितने हिस्से में फसाड लाइट लगाई जा चुकी है, उसका पिछले दिनों तीन-चार बार परीक्षण भी करा लिया गया है।
यह होती है फसाड लाइटिंग
फसाड लाइटिंग से मंदिर के प्रत्येक प्रकल्प की आभा को निखारा जा रहा है। यह किसी भवन या इमारत के बाहरी हिस्से (मुखौटा या फसाड) को रात में आकर्षक और खूबसूरत दिखाने के लिए विशेष वास्तुशिल्पीय प्रकाश व्यवस्था है।
