विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्र ने प्रबंधन में पारदर्शिता के लिए तय किए नए नियम, ड्रेस कोड भी लागू

Published: Thu, 24 Sep 2026 08:16 AM (IST)

राम मंदिर में सीईओ जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालने के बाद प्रबंधन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने ...और पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर।

अयोध्या राम मंदिर।

HighLights

  1. सीईओ जितेंद्र मिश्र ने राम मंदिर प्रबंधन में बदलाव शुरू किया।

  2. विभिन्न विभागों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय होगी।

  3. मंदिर कर्मियों के लिए विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया जाएगा।

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति और उनके स्थायी रूप से परिसर में बैठने के उपरांत बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मंदिर प्रबंधन से जुड़े समस्त कार्यों और इनमें संलग्न कर्मियों से परिचित हो जाने के बाद सीईओ जितेंद्र मिश्र ने प्रत्येक शाखा के लिए अलग-अलग मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय करने का निर्देश दिया है।

गणना कक्ष के लिए भी उन्होंने नए सिरे से एसओपी निर्धारित करके तदनुरूप कार्य करने का आदेश दिया है। साथ ही सभी कर्मियों के ड्रेस कोड निर्धारण की कवायद भी शुरू है। शीघ्र ही विभिन्न सेवाओं में संलग्न कर्मी बिना जेब वाली अलग-अलग वेशभूषा में दिखेंगे।

सूत्रों ने बताया कि सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने विधिवत कामकाज शुरू करने के उपरांत ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श में दान, लेखा, दर्शन, पास, लाकर, सेवा केंद्र सहित अन्य कार्यों को संपादित कर रहे कर्मचारियों के लिए भिन्न-भिन्न परिधान निर्धारित किए जाने की बात कही, जिससे दर्शनार्थियों के आवागमन के मध्य भी मंदिर के कर्मचारियों की अलग पहचान हो सके और यह भी तय किया जा सके कि कौन कर्मचारी किस सेवा में तैनात है।

गेरुआ या पीला रंग का हो सकता है ड्रेस

यह परिधान गणना कर्मियों की भांति बिना जेब वाला तय करने का विचार है। इसका रंग गेरुआ व पीला रखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय अभी ट्रस्टियों की सहमति से सीईओ को लेना है।

C-439-1-LKO1438-519269

दानराशि की गणना का पर्यवेक्षण कर रहे ट्रस्ट कर्मियों के अनुसार सीईओ ने मंगलवार को दोबारा गणना कक्ष का सघन निरीक्षण करके कर्मियों के लिए भी नए सिरे से एसओपी का निर्धारण करने का आदेश दिया है। हालांकि गणना कक्ष के लिए पहले ही ट्रस्ट व बैंक के मध्य एसओपी निश्चित की गई है। एसआइटी जांच में अनियमितता सामने आने के बाद अब इसका पूर्णतः पालन भी कराया जा रहा है।

ट्रस्ट सदस्य अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय बताते हैं कि अब नए सीईओ ने पूरी तरह से कार्यभार संभाल लिया है। सबकुछ समझ लेने के बाद अब वह बदलाव और हर कार्य में पारदर्शिता रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनके स्तर से जल्द ही ट्रस्ट कर्मियों का आंतरिक स्थानांतरण भी किया जाएगा।

इसमें ट्रस्टियों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा, वह स्वतंत्र होंगे। उन्होंने बताया कि कर्मियों के लिए निर्धारित होने वाले ड्रेस कोड में ट्रस्ट का लोगो नहीं लगेगा।

नई वेशभूषा केवल मंदिर कर्मियों की पहचान के लिए तय की जाएगी। सीईओ के स्तर से यह प्रयास इसलिए किया जा रहा कि भविष्य में चोरी जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। एसओपी में ड्यूटी अवधि, पारदर्शिता के लिए नियम, वेशभूषा, व्यवहार आदि निर्धारित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में 73 हजार पन्नों की चार्जशीट, कोई नया आरोपित नहीं