अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में 73 हजार पन्नों की चार्जशीट, कोई नया आरोपित नहीं
Ram Mandir Chadhawa Chori: आरोपपत्र में सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं का ...और पढ़ें
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण
HighLights
पुलिस के आरोप पत्र में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और बैंककर्मियों को भी क्लीन चिट
एसआइटी जांच के आसपास ही सिमटी रही पुलिस की विवेचना
आरोप पत्र में वास्तविक चोरी की धनराशि व आभूषणों का स्पष्ट विवरण नहीं
चंपतराय, गोपाल राव व डाक्टर अनिल मिश्र को पुलिस ने बनाया सरकारी गवाह
173 गवाहों के बयान और 105 सीसीटीवी फुटेज बने मुख्य आधार
जागरण संवाददाता, अयोध्या। बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने जेल में निरुद्ध आठ आरोपितों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
90 दिन की समयावधि पूरी होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित दूसरी एसआइटी में शामिल बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार सिंह व विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी बुधवार को 73 हजार 480 पन्नों की चार्जशीट चार बड़े बक्सों में लेकर न्यायालय पहुंचे। सुबह 11 बजे पांच इंस्पेक्टर, 12 उप निरीक्षकों सहित पुलिस बल के साथ विवेचकों ने न्यायालय परिसर में प्रवेश किया।
इसकी भनक लगते ही अधिवक्ताओं ने कामकाज बंद कर हड़ताल करते हुए विरोध शुरू कर दिया। अधिवक्ता विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायालय कक्ष के बाहर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। अधिवक्ताओं का कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उनकी ओर से दी गई आपत्ति पर सुनवाई की जानी चाहिए थी।
चार्जशीट में पुलिस ने घटनाक्रम, साक्ष्यों का विवरण, आरोपितों, गवाहों और कर्मियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आए तथ्यों और दान व कीमती वस्तुओं के मिलान का विवरण आदि दर्ज किया है। चोरी का खुलासा होने के बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर और एसआइटी की संस्तुति के आधार पर आठ आरोपितों रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की विवेचना के बाद चार्जशीट में और कोई नाम नहीं बढ़ा है और न ही किसी आरोपित का नाम हटाया गया। चोरी में सभी आरोपितों की संलिप्तता उजागर हुई और आरोप पत्र में सभी के अपराधों व कृत्यों का विस्तृत रूप से उल्लेख किया गया है। खास बात यह है कि बैंककर्मियों व ट्रस्ट पदाधिकारियों को चार्जशीट में क्लीन चिट मिली है। पूर्व महासचिव चंपतराय, ट्रस्टी डाक्टर अनिल मिश्र व मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को पुलिस ने सरकारी गवाह बनाया है।
इनके साथ बैंककर्मियों को भी गवाह बनाया गया है। आरोपपत्र में सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं का जिक्र पुलिस ने किया है। साथ ही 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। विवेचना के दौरान 101 पर्चे काटे गए। आरोपित अनुकल्प मिश्र को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। आरोपित सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को कुछ राहत देते हुए एक धारा कम की गई है।
ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां होने की बात भी कही गई है। पुलिस की विवेचना एसआइटी की जांच के आसपास ही सिमटी रही। पुलिस ने चार्जशीट में आरोपितों से पूछताछ व उनकी निशानदेही पर बरामद वाहनों, धनराशि व कीमती भूखंडों के प्रपत्रों की बरामदगी का उल्लेख किया है, लेकिन साढ़े 73 हजार पन्नों के आरोप पत्र में वास्तविक चोरी की धनराशि व आभूषणों का स्पष्ट विवरण नहीं है।
