सेना में लेफ्टिनेंट बनकर मेहर चौहान ने रामनगरी का नाम किया रोशन, परिवार की तीसरी पीढ़ी का करेंगी प्रतिनिधित्व
मेहर चौहान ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है, जिससे रामनगरी गौरवान्वित हुई है।
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लेफ्टिनेंट बन कर मेहर सेना में करेगी परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व।
HighLights
मेहर चौहान ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर लेफ्टिनेंट पद पाया।
वह सेना में अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेंगी।
24 सितंबर को चेन्नई में 11 महीने की ट्रेनिंग शुरू होगी।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। 24 वर्षीय मेहर चौहान लेफ्टिनेंट बन कर देश सेवा के लिए समर्पित होंगी। साथ ही सेना में वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेंगी। मेहर ने सीडीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर यह गौरव हासिल किया है।
वह 24 सितंबर को 11 महीने की ट्रेनिंग के लिए ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई कैंप को ज्वाइन करेंगी। ट्रेनिंग के बाद थल सेना में महिला लेफ्टिनेंट बनेंगी। मेहर चौहान की इस सफलता से रामनगरी का मान सम्मान बढ़ा है।
अयोध्यावासी गौरवांवित हैं। मेहर को भारतीय थल सेना में ज्वाइनिंग मिलेगी। मेहर चौहान का भाई मानस चौहान भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर है, तो पिता कर्नल आरके सिंह भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। बाबा पंच बहादुर सिंह निरालानगर में निवास करते हैं।
पंच बहादुर सिंह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद के दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। इस तरह मेहर से पहले परिवार की दो पीढ़ियां सेना की सेवा करती रहीं। यह परिवार मूलतः सुलतानपुर का निवासी है, लेकिन विगत तीस वर्षो से निरालानगर में निवास करता है।
मेहर चौहान का जन्म फतेहगढ़ में हुआ। 10 वीं व 12 वीं की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल से उत्तीर्ण की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए आनर्स की उपाधि प्राप्त की। बाबा पंच सिंह ने सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट की 12 सिख लाइट इन्फेंट्री बटालियन को कमांड किया। वह जम्मू में भी तैनात रहे।
