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डॉक्टर बनने चले थे, बन गए एक्टर: 'जया' और 'ढीठ' फेम मनु कृष्णा ने बताया अयोध्या से बॉलीवुड तक का सफर

Published: Sun, 04 Oct 2026 03:52 PM (IST)

अभिनेता मनु कृष्णा ने अयोध्या से बॉलीवुड तक के अपने सफर को साझा किया, जिसमें उन्होंने डॉक्टर बनने की बजाय अभिनय को चुना।

एक्टर मनु कृष्णा।

एक्टर मनु कृष्णा।

HighLights

  1. मनु कृष्णा ने डॉक्टर बनने का सपना छोड़ अभिनय चुना।

  2. उनकी 'ढीठ' और 'जया' फिल्में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं।

  3. अयोध्या निवासी मनु कृष्णा की कई नई फिल्में जल्द रिलीज होंगी।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। सशक्त अभिनय व मजबूत किरदार कलाकार व कला को जीवंत बनाते हैं। कठिन परिश्रम व उचित मार्गदर्शन से राह आसान होती है। ये मानना है भोजपुरी इंडस्ट्री में अभिनय का लोहा मनवा रहे अभिनेता मनु कृष्णा का। बिहार के चर्चित इंजीनियर सत्येंद्र दुबे के जीवन पर आधारित बायोपिक 'ढीठ' में उन्होंने सत्येंद्र दुबे की भूमिका निभाई।

महिला सशक्तिकरण पर आधारित उनकी फिल्म 'जया' ने राष्ट्रीय व अंतर-राष्ट्रीय स्तर के कुल 127 पुरस्कार बटोरे। ओटीटी पर रिलीज राजा रतन राय (भगवान झूलेलाल साई) में भी उन्होंने राजा रतन राय की भूमिका निभाई।

प्रकाश झा के निर्देशन में धारावाहिक 'सुनयना' से रूपहले पर्दे की यात्रा आरंभ करने वाले मनु कुष्णा ने 'बबुआ', 'शादी एक सौदा', 'तेरा बाप मेरा बाप', 'एक करोड़ की बहू' समेत कई फिल्मों में काम किया तो धारावाहिक 'श्याम तुलसी', 'फिर सुबह होगी', 'ऐसा प्रेम कहां', 'श्रीप्राणनाथजी' जैसे धारावाहिकों में भी अभिनय क्षमता दिखाई।

सोहावल तहसील अंतर्गत सुचित्तागंज निवासी अभिनेता मनु कृष्णा की फिल्म रामधारी, आहुति, साहसी व जेहादी प्रदर्शन को तैयार है तो 'दीदी' समेत कई फिल्मों की शूटिंग चल रही है। अपनी आगामी फिल्मों व बालीवुड के वर्तमान परिवेश को लेकर उन्हाेंने दैनिक जागरण से बातचीत की।

बातचीत के प्रमुख अंश

ग्रामीण परिवेश में रहते हुए रूपहले पर्दें पर जाने का विचार मन में कैसे आया?

छात्र जीवन में एक बार घर की टीवी खराब थी। पड़ोस के घर में धारावाहिक चंद्रकांता व शक्तिमान देखता था। एक दिन उन्होंने वापस कर दिया। मन में दु:ख हुआ, उसी समय यह भाव भी आया कि टीवी देखने के बजाय उस पर दिखा जाय। यह भाव मन में निरंतर बना रहा। डाक्टर बनने की तमन्ना लिए सीपीएमटी की तैयारी करने लखनऊ गया, परंतु वहां से मुंबई चला गया। डाक्टर बनने का सपना लेकर घर से निकला था, एक्टर बन गया।

'जया' और 'ढीठ' के बाद क्या हो रहा है?

भगवान राम से जुड़ी ऐतिहासिकता को अपने में समेटने वाली फिल्म 'रामधारी' प्रदर्शन को तैयार है। दो फिल्में 'आहुति' व 'साहसी' सत्य कहानियों पर आधारित हैं जो जनता का ध्यान आकृष्ट करेंगी। फिल्म 'जेहादी' बनकर तैयार है। 'दीदी' समेत कुछ फिल्मों की शूटिंग अंतिम चरण में है। ये फिल्में शीघ्र जनता के बीच होंगी।

रामधारी का कथानक क्या है?

यह भगवान राम के आदर्शों को अपने में समेटने वाले 'प्रणामी' समाज की ऐतिहासिकता को बयां करती संघर्षगाथा है। उस समाज का संघर्ष ही फिल्म का कथानक है।

युवाओं से क्या कहेंगे?

फिल्म जगत में काम करने की इच्छा रखने वाले युवा संघर्ष व मेहनत को तैयार रहें। संक्षिप्त रास्ते पर चलकर सफलता नहीं मिलती।

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