राम मंदिर चढ़ावा मामला: चोरी की इनसाइड स्टोरी को उजागर कर सकते हैं महिपाल सिंह, चंपत राय समेत 133 लोग देंगे गवाही
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह अब अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाह होंगे, जो चोरी की अंदरूनी कहानी उजागर कर सकते हैं।

चढ़ावा चोरी न्यायालय में चढ़ावा चोरी की अंतर्कथा को उजागर कर सकते हैं महिपाल सिंह।
HighLights
महिपाल सिंह राम मंदिर चढ़ावा चोरी के प्रमुख गवाह।
चंपत राय सहित 133 लोग देंगे गवाही न्यायालय में।
7 अक्टूबर को आरोप बिंदुओं पर होगी सुनवाई।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राममंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में सर्वाधिक चर्चित रहे राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह को भी पुलिस ने अभियोजन पक्ष का प्रमुख गवाह बनाया है। उन्हें न्यायालय में चढ़ावा चोरी की अंतर्कथा को उजागर करने का मौका रहेगा।
चंपतराय, अनिल मिश्र व गोपाल राव भी अभियोजन पक्ष के गवाह हैं। इनके अलावा पुलिस के 23 पुलिसकर्मी गवाहों पर भी अभियोजन पक्ष की कथानक को साबित करने का भार रहेगा।
राजस्थान के कोटा जिले के महिपाल सिंह जनवरी 2021 से मई 2022 तक श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लेखा प्रभारी रहे हैं। करीब 52 वर्षों से वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने ही मीडिया के समक्ष यह उजागर किया था कि राममंदिर के चढ़ावे में नकदी, सोना, चांदी, विदेशी मुद्राओं की चोरी काफी समय से की जा रही है।
इसकी शिकायत उन्होंने ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपतराय व अन्य पदाधिकारियों से की थी। शिकायत पर जांच के बजाए उन्हें लेखा प्रभारी पद से हटा दिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि शिकायत के बाद चढ़ावा चोरी की सीसीटीवी फुटेज को भी डिलीट कर दिया गया।
बीती बुधवार को दाखिल आरोपपत्र से घटनाक्रम की बारीकियां भी उजागर हुई हैं। कैसे-कैसे सभी आठ आरोपित चोरी की घटना को अंजाम दिया है, उन्हें आपस में किस तरह बांटा है। इन तथ्यों के दृष्टिगत पुलिस ने अपनी विवेचना समाप्त कर दी है।
चढ़ावा चोरी की घटना को साबित करने के लिए पुलिस ने कुल 133 गवाहाें की सूची न्यायालय में दाखिल की है। इसमें 17वें नंबर पर अनिल मिश्र, 18वें नंबर पर चंपतराय, 19वें नंबर पर गोपाल एम नागरकटे उर्फ गोपाल राव को सरकारी गवाह के तौर पर प्रस्तुत किया है। इसमें से सबसे पहले वादी मुकदमा कृष्णमोहन की गवाही शुरु होगी। गवाहों की सूची में जिले के प्रमुख उद्यमी आलोक बंसल का भी नाम शामिल है।
सूची में 107 से 133 तक पुलिसकर्मी गवाह बनाए गए हैं, जिनमें सीओ आशुतोष तिवारी भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त लेखपाल संदीप कुमार तिवारी को भी गवाहों की सूची में रखा गया है। मामले में सात अक्टूबर को पत्रावली में आरोप के बिंदुओं पर सुनवाई होनी है।
