अब करियर की राह आसान करेगी कस्तूरबा योजना, छात्राओं को मिलेगा प्रोफेशनल कोर्स संबंधी विशेष मार्गदर्शन
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राओं को अब करियर और प्रोफेशनल कोर्स संबंधी विशेष मार्गदर्शन मिलेगा। यह सुविधा पहले केवल राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलती थी।

अब करियर की राह आसान करेगी कस्तूरबा योजना।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। अब ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के सपनों को नई ऊंचाई मिलेगी। नए शिक्षा सत्र से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं को करियर और प्रोफेशनल कोर्स संबंधी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।
अब तक यह सुविधा केवल राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को ही उपलब्ध थी, लेकिन अब केजीबीवी की बेटियां भी डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, एयर होस्टेस और ब्यूटीशियन बनने की दिशा में सुनियोजित तैयारी कर सकेंगी।
रुदौली और मवई ब्लाक में संचालित कस्तूरबा विद्यालयों में वर्तमान में करीब 350 छात्राएं अध्ययनरत हैं। नए सत्र से इन विद्यालयों को उच्चीकृत कर इंटरमीडिएट तक संचालित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर विभाग ने छात्राओं के लिए साप्ताहिक करियर कक्षाओं के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है।
छात्राओं को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स, प्रवेश परीक्षाओं और संबंधित संस्थानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
शॉर्ट-टर्म कोर्स की भी तैयारी
खंड शिक्षा अधिकारी रमाकांत राम ने बताया कि शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में विभाग बेटियों को कौशल विकास से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए व्यवसायिक शिक्षा परिषद और जनपद स्तर पर स्थापित कौशल विकास केंद्रों से समन्वय किया जा रहा है।
तीन माह के शार्ट-टर्म कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं, जिनमें पर्यटन, होटल मैनेजमेंट, बैंकिंग जैसे क्षेत्र प्रमुख होंगे। इससे छात्राएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगी।
साप्ताहिक कक्षाओं पर विचार
नए शिक्षा सत्र से करियर मार्गदर्शन की साप्ताहिक कक्षाएं संचालित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि छात्राओं को व्यवस्थित और नियमित जानकारी मिल सके।
शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अविनाश पांडेय ने कहा कि ग्रामीण अंचल की बेटियों को आवासीय शिक्षा के साथ अब सुनियोजित करियर दिशा मिलने से उनके सपनों को नई उड़ान मिलेगी। शासन की यह पहल बालिका शिक्षा को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
