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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UPPCL: सरकारी कार्यालयों से स्मार्ट मीटर लगाने की हुई शुरुआत, फिर शहरी उपभोक्ताओं के यहां लगाए जाएंगे

Published: Wed, 14 Aug 2024 12:32 PM (IST)

बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी है। अयोध्या में सबसे ...और पढ़ें

सरकारी कार्यालयों से स्मार्ट मीटर लगाने की हुई शुरुआत
सरकारी कार्यालयों से स्मार्ट मीटर लगाने की हुई शुरुआत

जागरण संवाददाता, अयोध्या। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और बिल में हेराफेरी को रोकने के लिए मंगलवार से शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का अभियान शुरू हो गया। पावर कारपोरेशन के मीटर खंड के अधिकारियों ने सर्वप्रथम जिला पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित उप निदेशक विकलांग कल्याण के कार्यालय में स्मार्ट मीटर लगाया।

मीटर लगाने की प्रक्रिया मुख्य अभियंता विद्युत वितरण खंड अशोक कुमार चौरसिया ने अपनी देखरेख में शुरू कराई। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता मीटर खंड ब्रह्मपाल सिंह व सहायक अभियंता सतवीर सिंह भी उपस्थित रहे।

अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान मंगलवार से शुरू हो गया। प्रथम चरण में सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना है। इसके लिए सिंगल फेज (चार किलोवाट से कम) के 64 उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं। इनके यहां लग जाने के बाद थ्री फेज (चार किलोवाट से अधिक) के शहरी उपभोक्ताओं के घरों व संस्थानों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सिंगल फेज के पर्याप्त स्मार्ट मीटर आ गए हैं। थ्री फेज के मीटर अभी आ रहे हैं। अयोध्या-फैजाबाद के लगभग 82 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जाना है। शहर में लगने के बाद अभियान को ग्रामीण क्षेत्र तक विस्तार दिया जाएगा। स्मार्ट मीटर की आपूर्ति के लिए मुख्यालय स्तर से पावर कारपोरेशन ने पोलारिस मीटरिंग को जिम्मेदारी सौंप रखी है। कंपनी की ओर से नियमित आपूर्ति की जा रही है।

डरें नहीं उपभोक्ता, दुरुस्त होगी बिलिंग

स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैलीं विभिन्न भ्रांतियों के संबंध में अधिशासी अभियंता मीटर ब्रह्मपाल सिंह ने कहा कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट मीटर से न केवल बिलिंग सुधरेगी, बल्कि अपनी जरूरत के अनुसार इसे प्रीपेड में भी बदला जा सकेगा। इससे स्वत: बिल जनरेट होगा। रीडिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ता को विभिन्न जानकारियां भी सुलभ होंगी। अभी घरों में लगे स्टेटिक इलेक्ट्रानिक मीटर में उक्त सुविधाएं नहीं उपलब्ध हैं।

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