CM योगी के दौरे से पहले एक्शन, डॉ. अंजू जायसवाल का रुदौली से मिल्कीपुर तबादला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या आगमन से ठीक पहले, भाजपा नेता की शिकायत के बाद डॉ. अंजू जायसवाल का रुदौली ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण
HighLights
डॉ. अंजू जायसवाल का रुदौली से मिल्कीपुर तबादला।
सीएम योगी के आगमन से ठीक पहले हुई कार्रवाई।
भाजपा नेता पवन राजपूत की शिकायत के बाद एक्शन।
संवाद सूत्र, जागरण, शुजागंज (अयोध्या)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 19 जून को मां कामाख्या धाम आगमन से ठीक पहले स्वास्थ्य विभाग में हुए एक तबादले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली में वर्षों से तैनात महिला चिकित्साधिकारी डॉ. अंजू जायसवाल का स्थानांतरण कर उन्हें तत्काल प्रभाव से सीएचसी मिल्कीपुर भेज दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार भिटौरिया द्वारा 17 जून को जारी आदेश में डॉ. अंजू जायसवाल को प्रशासनिक आधार पर रुदौली से कार्यमुक्त कर मिल्कीपुर में रिक्त पद पर तैनाती देने के निर्देश दिए हैं। आदेश जारी होते ही स्वास्थ्य विभाग ने उनका कार्यमुक्ति आदेश भी जारी कर दिया है।
इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में इसलिए भी चर्चा तेज है क्योंकि भाजपा नेता पवन राजपूत पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं, वर्षों से जमे कर्मचारियों और चिकित्सकों के मुद्दे उठा रहे थे।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि 19 जून को मां कामाख्या धाम पहुंच रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वह स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामलों और डॉ. अंजू जायसवाल की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती का मुद्दा उठाएंगे।
सोशल मीडिया पर उनके बयानों और पोस्टों के वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई थी। इसी बीच मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से एक दिन पहले डॉ. अंजू जायसवाल के स्थानांतरण का आदेश जारी हो गया, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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पवन राजपूत का दावा है कि डॉ. अंजू जायसवाल एक दशक से अधिक समय से रुदौली क्षेत्र में तैनात थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लगभग एक वर्ष पूर्व जनपद बस्ती व छह माह पूर्व उनका तबादला मवई सीएचसी किया गया था, लेकिन वहां एक माह कार्य करने के बाद उन्हें पुनः रुदौली भेज दिया गया। उनका कहना है कि वह इस मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे थे।
वहीं स्थानीय स्तर पर इसे मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रशासन की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थानांतरण को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर चल रही मुहिम और उसके बाद हुई कार्रवाई ने इस तबादले को चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।
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