विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जागरण विमर्श: 'हिम्मत है तो मेरिट के नाम पर वोट मांगें विपक्षी', डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विरोधी दलों को दी चुनौती

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:06 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जागरण विमर्श में विपक्षी दलों पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा और उन्हें मेरिट के नाम पर वोट मांगने की चुनौती दी।

जागरण विमर्श 2026 समापन सत्र को संबोधित करते प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

जागरण विमर्श 2026 समापन सत्र को संबोधित करते प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

HighLights

  1. उपमुख्यमंत्री पाठक ने विपक्षी दलों के परिवारवाद पर तीखा हमला किया।

  2. उन्होंने पिछली सरकारों की अव्यवस्था और दंगों की याद दिलाई।

  3. भाजपा सरकार के विकास कार्यों और मेरिट आधारित नौकरियों पर जोर दिया।

महेन्द्र पाण्डेय, लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को विपक्षी दलों के परिवारवाद पर निशाना साधते हुए जनता को सावधान किया। कहा कि चुनाव आ गया है तो विरोधी दल के लोग कभी इंडी गठबंधन तो कभी पीडीए के नाम पर वोट मांग रहे हैं। अपने काम के नाम पर वोट क्यों नहीं मांगते? अब हिम्मत है तो अपनी मेरिट के नाम पर वोट मांगिए।

जागरण विमर्श के समापन सत्र में डिप्टी सीएम ने अवधी में कहा, ''किसी दुकान पर सौदा सड़ि जाए तो दुकानदार नाम बदलकर दूसरे मुहल्ले में दुकान खोल लेत है। फिर आपन धंधा चलावत है। विपक्षी दल के लोग कुछ ऐसा ही कर रहे हैं।''

पिछली सरकार के कर्म याद दिलाते हुए पाठक ने कहा, ''उत्तर प्रदेश के लोगों की याददाश्त इतनी छोटी नहीं। इसी राज्य में एक हजार दंगे हुए थे। एक बेटी अपने घर को जा रही थी, दूसरे धर्म के लोगों ने छेड़ा। उसके भाई ने विरोध किया तो उसे जेल में डाल दिया गया। धरना-प्रदर्शन हुआ तो गोली तक चली। फिर क्या-क्या हुआ, सबको पता है। जब ईराक में बवाल चल रहा था तो कुछ लोग लखनऊ में गुंडई कर रहे थे। वे अपना चयन मेरिट पर क्यों नहीं करते?''

उन्होंने भाजपा को कार्यकर्ताओं की पार्टी बताते हुए कहा, ''यहां कार्यकर्ता कुछ भी बन सकता है। कौन कहता था कि हमारे अध्यक्ष नितिन नवीन होंगे। विपक्षी दलों का हाल देख लीजिए। सपा का प्रोफाइल देखिए। इनके नेताओं का बताइए। श्रोताओं की दीर्घा से आवाज आई- शिवपाल, राम गोपाल, अखिलेश...। पाठक बाेले- और बताइए। लोगों ने नाम लिया- डिंपल। ब्रजेश ने कहा, यही परिवार वाद है।''

उन्होंने बालासाहब ठाकरे और करुणानिधि का दृष्टांत देकर कहा, ''परिवार मोह में उनकी पार्टियां खत्म हो गईं। कांग्रेस का हाल देख लीजिए। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं हम मैडम से पूछ कर निर्णय लेंगे।''

उप मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सरकार की ओर लोगों का ध्यान खींचा। कहा, ''लोग कहते थे शाम को सन्नाटा छा जाता है। बाहर न जाना। हर राज्य और हर जिले में माफिया थे। यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया थे। अब एक भी माफिया नहीं हैं।''

अयोध्या से जोड़ा नाता, बताई प्रदेश की विकास यात्रा

अयोध्या से अपने पुराने रिश्ते के बारे में पाठक ने बताया, ''मैं और यहां के राजेश्वर जायसवाल साथ में पढ़ते थे। तब यहां अल्काराजे होटल सहित दो तीन ही होटल थे। बिजली एक सप्ताह दिन, एक सप्ताह रात में आती थी।''

बोलो भैया... सही कहा न... बताओ? पाठक ने यह पूछा तो जनता ने हां में सिर हिलाया तो ब्रजेश के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने प्रदेश के विकास की यात्रा को बताया- ''1947 से 2017 तक प्रदेश में 40 मेडिकल कालेज थे। आज हमारे पास 85 मेडिकल कालेज हैं। दो एम्स हैं। 2017-18 तक लोहिया जिला अस्पताल था। आज वह प्रदेश का सबसे बड़ा इंस्टीट्यूट है।

लखनऊ में केजीएमयू जैसे संस्थान हैं। एक करोड़ 92 लाख विद्यार्थी बेसिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कभी दो-तीन हवाई अड्डे थे, आज 17 हैं। जेवर एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे केवल उत्तर प्रदेश में हैं। 9.5 लाख लोगों को बुद्धि-विवेक के आधार पर नौकरी मिली है।''

यह भी पढ़ें- जागरण विमर्श: सूर्यवंशियों का सपना हुआ पूरा, यदुवंशी भी आएं आगे तो... अयोध्या में बोले विधायक अभय सिंह