अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के तीन आरोपितों की जमानत खारिज, फिलहाल जेल ही ठिकाना
Ram Mandir Chadhawa Chori: राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में चढ़ावे की गिनती और बैंक खातों से संबंधित अनियमितताओं की जांच के दौरान प्रकरण सामने आया था।

राम नगरी के राममंदिर से चढ़ावा चोरी
HighLights
पुलिस ने कहा-तीनों आरोपित के विरुद्ध मिले हैं साक्ष्य, उनकी ही निशानदेही से हुई है बरामदगी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी कर रही चढ़ावा चोरी की विवेचना
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम नगरी के राममंदिर से चढ़ावा चोरी मामले में जेल में निरुद्ध आरोपित अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र व मनीष यादव की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा ने निरस्त कर दी है। तीनों आरोपितों को फिलहाल अभी जेल में ही रहना होगा।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आरोपितों की भूमिका और जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तीनों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
आरोपितों की जमानत अर्जी पर पुलिस ने अपनी आख्या प्रस्तुत की। आख्या में पुलिस ने बताया कि आरोपितों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तारी के समय आरोपितों के पास से नकदी, आभूषण व अन्य बेशकीमती सामान मिले थे।
रिमांड के दौरान भी उनकी ही निशानदेही पर उन सामानों की बरामदगी की गई है, जिसे वे चढ़ावे से चुरा कर आपस में बांट लिया करते थे। पुलिस ने यह भी कहा कि परिसर में लगे सीसीटीवी में आरोपित रुपये रखते नजर आ रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में चढ़ावे की गिनती और बैंक खातों से संबंधित अनियमितताओं की जांच के दौरान प्रकरण सामने आया था। आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की विवेचना एसआइटी कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
चढ़ावा चोरी का प्रकरण बीती 25 जून से उस समय उजागर हुआ जब राममंदिर से जुड़े आठ लोगों पर ट्रस्टी कृष्णमोहन ने चोरी, चोरी की संपत्ति को रखने, आपराधिक न्यासभंग, आपराधिक षड्यंत्र तथा भ्रष्टाचार की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह प्राथमिकी रामजन्मभूमि थाने में दर्ज कराई गई थी।
इसमें अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, मनीष यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्र तथा पूर्व बैंककर्मी सुभाषचंद्र श्रीवास्तव को नामजद किया गया था। 26 जून को सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। प्रकरण की जांच में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर एसआइटी कर रही है। इसी बीच आरोपितों की ओर से कई कानूनी दांव पेच चले गए थे। हालांकि, उसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिली थी।
