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अयोध्या में एक करोड़ शिवलिंग से युक्त ‘ग्रेट वॉल ऑफ शिवा’ का होगा निर्माण, 7000 वर्ग फीट की होगी दीवार

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:46 PM (IST)

अयोध्या में सरयू तट पर 'ग्रेट वॉल ऑफ शिवा' का निर्माण किया जाएगा, जिसमें एक करोड़ शिवलिंग की आकृतियां होंगी।

एक करोड़ शिवलिंग से युक्त ‘ग्रेट वाल आफ शिवा’ का होगा निर्माण।

एक करोड़ शिवलिंग से युक्त ‘ग्रेट वाल आफ शिवा’ का होगा निर्माण।

HighLights

  1. अयोध्या में 'ग्रेट वॉल ऑफ शिवा' का निर्माण होगा।

  2. इसमें एक करोड़ शिवलिंग आकृतियां, 7000 वर्ग फीट में।

  3. महाबलीपुरम से काले ग्रेनाइट पत्थर, अगली शिवरात्रि पर निर्माण।

रघुवरशरण, अयोध्या। रामनगरी में ग्रेट वॉल ऑफ शिवा का निर्माण होगा। इस दीवार में शिव की एक करोड़ आकृतियां होंगी। यह दीवार सात हजार वर्ग फीट में विस्तृत होगी और इसकी ऊंचाई 10 फीट होगी। यह काले ग्रेनाइट पत्थर की होगी। यह दीवार शिव लिंग की आकृति से युक्त शिला खंडों के रूप में होगी।

इसके लिए शिवलिंग युक्त शिलायें मंदिर निर्माण की विशिष्ट कला के लिए प्रसिद्ध दक्षिण भारत स्थित महाबलीपुरम से लायी जाएंगी। ऋषिकेश की सुप्रसिद्ध संस्था गगनानंद मिशन के संयोजन में इसका निर्माण सरयू तट स्थित जमथरा क्षेत्र में किया जाएगा और शिवलिंग से युक्त शिलाखंडों को महाबलीपुरम से यथास्थान लाकर संयोजित किया जाएगा।

इसका निर्माण आगामी शिवरात्रि यानी अगले वर्ष छह मार्च को वृहद अनुष्ठान के रूप में कराया जाएगा। सात हजार पांच सौ वर्ग फीट के इस इस परिसर के केंद्र में स्थापित शिवलिंग भी उपासना परंपरा की दृष्टि से विशिष्टता का परिचायक है।

काले संगमरमर का यह ऐसा शिवलिंग है, जिसमें संपूर्ण शिव पंचायतन समाविष्ट है। साधना के इस महनीय केंद्र के मुख्य सूत्रधार गगनानंद मिशन के मुख्य संरक्षक स्वामी गगनानंद हैं। शिव के साथ संपूर्ण शिव परिवार की एक ही शिला पर प्रस्तुति उन्हीं की परिकल्पना है और यह परिकल्पना शास्त्रों के गहन-गूढ़ सूत्रों पर आधारित है।

शिव भक्ति की यह महनीय परिकल्पना श्रीराम के प्रधानतम केंद्र रामजन्मभूमि से भी अनुप्राणित है। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रण पर भव्य-नव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए स्वामी गगनानंद के मन में उसी समय श्रीराम मंदिर के निकट उसी के अनुरूप भव्य शिव मंदिर की कल्पना जाग्रत हुई और ऐसा संयोग बनता गया कि राम मंदिर से कुछ ही दूरी पर इस मंदिर के लिए भूमि उपलब्ध हुई।

भूमि पूजन के साथ शास्त्रीय आधार पर इस मंदिर का नाम कोटिलिंग प्राकार पंचायतना महाकाल मंदिर और संपूर्ण परिसर काे कोटिलिंगम क्षेत्र नाम दिया गया।

इसी वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर पंचायतन से युक्त शिव लिंग का 11 क्विंटल दूध से महाभिषेक भी किया जा चुका है। जबकि आगामी शिवरात्रि के अवसर पर तिरुपति बाला जी मंदिर के मुख्य आचार्य रुंडचिंतला स्वामी के मार्गदर्शन में अनुष्ठान प्रस्तावित है।

मुख्य प्रबंधन में बब्लू खान भी शामिल

मंदिर का प्रबंधन करने वाली इकाई के मुख्य घटक बब्लू खान भी हैं। राम मंदिर निर्माण में सहयोगी रहे खान पहले ही सद्भाव के यशस्वी दूत के रूप में प्रतिष्ठित हैं। स्वामी गगनानंद के अनुसार ईश्वर के लिए कोई हिंदू-मुस्लिम नहीं, बल्कि उसकी निष्ठा और सच्चाई अहम है।

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