यूपी में अब पर्ची से पहले गन्ना किसान घर बैठे देख सकेंगे सट्टा-कैलेंडर, एप पर मिलेगी पूरी जानकारी
गन्ना किसानों को अब पेराई सत्र शुरू होने से पहले अपनी पर्ची और आपूर्ति का विवरण ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलेगी।

गन्ना किसान। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
गन्ना किसान अब ऑनलाइन देख सकेंगे अपनी पर्ची और कैलेंडर।
केनयूपी.इन पोर्टल और ई-गन्ना ऐप पर मिलेगी सारी जानकारी।
पेराई सत्र से पहले पारदर्शिता और सुविधा किसानों को मिलेगी।
नफीस खां, अयोध्या। गन्ना किसानों को अब पेराई सत्र शुरू होने का इंतजार करते हुए पर्ची और आपूर्ति को लेकर असमंजस में नहीं रहना पड़ेगा। खेत में खड़ा गन्ना मिल तक पहुंचने से पहले ही किसान अपने रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों का ब्योरा आनलाइन देख सकेंगे।
गन्ना विभाग अंतिम कैलेंडर तैयार कर रहा है, जिसे चीनी मिलों के संचालन से पहले केनयूपी.इन पोर्टल पर आनलाइन किया जाएगा। इस बार 42 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य है। करीब 23,976 किसानों के लिए तौल आपूर्ति पर्चियां तैयार की जाएंगी।
अंतिम कैलेंडर जारी करने से पहले विभाग प्री-कैलेंडर तैयार कर रहा है। इसमें किसान के नाम दर्ज रकबा, अनुमानित उत्पादन और संभावित पर्चियों का विवरण उपलब्ध रहेगा। इसे 5 सितंबर तक किसानों के सामने प्रदर्शित किया जा चुका है।
वहीं सट्टा प्रदर्शन मेला के माध्यम से किसानों को उनके आंकड़ों की जानकारी भी 17 सितंबर को दी गई, जिसमें आनलाइन समिति सदस्य बनने तथा उपज बढ़ोतरी की रसीद कटवाने के लिए 30 सितंबर तक आवेदन करने की सूचना भी दी गई। यदि किसी किसान के रकबे, उत्पादन या पर्ची संबंधी विवरण में गड़बड़ी मिलती है तो उसे संशोधन कराने का अवसर मिलेगा। इसके बाद अंतिम कैलेंडर जारी होगा।
रौजागांव चीनी मिल का पेराई सत्र 11 नवंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है। गन्ना आपूर्ति की पर्चियां पेराई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले जारी होने लगेंगी। पर्ची जारी होने की सूचना किसान के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
किसान ई-गन्ना एप पर अपना कोड डालकर पर्चियों की संख्या और कैलेंडर देख सकेंगे। जिन किसानों को कोड की जानकारी नहीं है, वे अपना नाम और गांव दर्ज करके भी कैलेंडर देख सकते हैं। सहकारी गन्ना विकास समिति गनौली के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में 265 गन्ना ग्राम सक्रिय हैं।
