लखनऊ मार्ग पर प्रस्तावित श्रीराम द्वार के लिए भूमि अधिग्रहण पर 'ग्रहण', निर्माण में 52 करोड़ होने हैं खर्च
अयोध्या में लखनऊ मार्ग पर प्रस्तावित श्रीराम द्वार के भूमि अधिग्रहण पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने से निर्माण ...और पढ़ें

अयोध्या और गोंडा जिले में बनाये जाएंगे छह द्वार।
HighLights
लखनऊ मार्ग पर श्रीराम द्वार भूमि अधिग्रहण रुका।
एक भूस्वामी की याचिका से निर्माण कार्य बाधित।
52 करोड़ रुपये की लागत से बनना है द्वार।
रमाशरण अवस्थी, अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के बाद से रामनगरी काे वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने का निरंतर प्रयास चल रहा है। इसी क्रम में रामनगरी को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर छह भव्य प्रवेश द्वार बनने हैं, जो भगवान राम और उनके भक्तों के नाम पर बनाये जा रहे हैं।
इनमें से तीन द्वारों के लिए भूमि खरीद का रास्ता साफ हो गया है, जबकि तीन के लिए जिला प्रशासन अधिग्रहण की तैयारी में जुटा है। इसी में से लखनऊ मार्ग पर निर्मित कराए जाने वाले द्वार के लिए भूमि खरीद पर ग्रहण लग गया है। इस प्रवेश द्वार के निर्माण पर 52 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। यह भव्य श्रीराम द्वार पिंक सालिड स्टोन से आकार लेगा।
इसी की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में एक भूस्वामी नौशाद खान ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है, जिससे इस द्वार का निर्माण अधर में पड़ गया है। जबकि इससे पहले भूमि खरीद के लिए खातेदारों और प्रशासन के बीच कई स्तरों पर बातचीत की जा चुकी थी। मामला उच्च न्यायालय में जाने के कारण जिला प्रशासन पशोपेश में है, हालांकि वह भूमि खरीद के लिए पूर्व में हासिल की गई सहमति व संवाद के आधार पर उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।
शासन ने रामनगरी की गरिमा व महिमा को देखते हुए मंदिर के साथ ही नगर को जोड़ने वाले सभी मार्गों के प्रवेश बिंदु पर द्वार बनवाने का फैसला किया था। इसमें लखनऊ मार्ग पर चिर्रा मोहम्मदपुर के पास श्रीराम द्वार, सुलतानपुर मार्ग पर पूराकलंदर थाने के पास भरत द्वार, अंबेडकरनगर मार्ग पर राजेपुर के पास जटायु द्वार, रायबरेली मार्ग पर मऊ शिवाला के पास गरुड़ द्वार का निर्माण प्रस्तावित है।
गोंडा जिले में सरयू के पुराने पुल के पास लक्ष्मण और बस्ती मार्ग पर हनुमान द्वार भी इसी परियोजना का हिस्सा हैं। इसमें से लक्ष्मण द्वार का निर्माण आरंभ हो गया तो राजेपुर का बैनामा हो गया, जबकि श्रीराम, भरत, गरुड़ द्वार के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया संचालित होने के बाद नौशाद की ओर से दायर याचिका बाधा बन गयी है। 
प्रशासन के स्तर पर सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। नौशाद खान की याचिका का जवाब उच्च न्यायालय में दिया जाएगा, जो फैसला होगा उसका अनुपालन किया जाएगा।
-कौशल किशोर, भूमि अध्याप्ति अधिकारी
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।