सरयू की लहरों पर झिलमिलाए आस्था के दीप, अयोध्या में भक्ति और आस्था के बीच साकार हुआ दिव्य महाआरती का दृश्य
अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर मां सरयू तट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ...और पढ़ें
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HighLights
उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने अयोध्या में सरयू आरती में भाग लिया।
दीपोत्सव पर सरयू तट पर आस्था के दीपों से जगमगाहट।
नवनिर्मित नित्य सरयू महाआरती स्थल पर हुआ दिव्य आयोजन।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। मां सरयू की लहरों पर दीपों की सुनहरी आभा चमक रही थी। घाटों पर सजे दीप, हवा में घुलती अगरबत्ती की सुगंध और घंटियों की गूंज के बीच मां सरयू की आरती का दिव्य दृश्य साकार हुआ। आरती में प्रज्ज्वलित दीप जब लहरों के सामने आए तो जल में उनकी परछाइयां झिलमिलाने लगीं।
इसी भक्तिमय वातावरण में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां सरयू की आरती उतारी। नित्य सरयू महाआरती के लिए निर्मित विशेष स्थल पर मुख्यमंत्री द्वारा आरती किए जाने के साथ ही यह घाट दीपोत्सव के आध्यात्मिक वैभव का नया साक्षी बना। श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास से संपूर्ण सरयू तट का वातावरण राममय हो उठा।
नित्य सरयू महाआरती स्थल पर सीएम योगी ने उतारी आरती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नित्य सरयू महाआरती स्थल पर मां सरयू की महाआरती का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धाभाव से मां सरयू की आराधना की। उनके साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी आरती में सम्मिलित हुए।
घंटियों की ध्वनि, मंत्रोच्चार और मां सरयू के जयकारों के बीच आरती की लौ जल की लहरों पर प्रतिबिंबित होने लगी। श्रद्धालुओं की आंखें आरती पर टिकी थीं। दीपों की रोशनी और सरयू की लहरों का यह संगम ऐसा दृश्य रच रहा था, जिसमें आस्था मानो साकार हो उठी हो।
महंत शशिकांत दास की अगुवाई में भक्तिमय हुआ सरयू तट
महांत शशिकांत दास महाराज की अगुवाई में मां सरयू की आरती की धार्मिक परंपरा आगे बढ़ी। आरती की पारंपरिक विधि, लयबद्ध प्रस्तुति और भक्ति संगीत ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मां सरयू के समक्ष आरती की लौ उठती तो उसके साथ श्रद्धालुओं के मन में भी भक्ति का भाव उमड़ पड़ता। घाटों पर उपस्थित जनसमूह इस दिव्य आयोजन का साक्षी बना। आरती की प्रत्येक धुन और प्रत्येक दीप मानो मां सरयू के प्रति श्रद्धा का संदेश दे रहा था।
दीपों की उजास में साकार हुई अयोध्या की सनातन परंपरा
दीपोत्सव के पावन अवसर पर सरयू तट का दृश्य अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को जीवंत कर रहा था। जल में झिलमिलाते दीप, घाटों पर प्रज्वलित आस्थाओं की लौ और मां सरयू की आरती में सम्मिलित उपराष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री का दृश्य रामनगरी की दिव्यता को नई ऊंचाई दे रहा था।
इस विशेष आरती ने धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को नया आयाम दिया। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सनातन परंपरा, लोक आस्था और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उत्सव था।
सरयू की लहरों में गूंजती रही भक्ति, दीपोत्सव बना स्मृतियों का उजास
आरती पूर्ण होने के बाद भी सरयू तट पर दीपों की चमक और भक्ति का उल्लास देर तक वातावरण में बना रहा। लहरों पर तैरती रोशनी, घाटों की जगमगाहट और मां सरयू के जयकारों ने इस पल को अविस्मरणीय बना दिया।
अयोध्या में दीपोत्सव की यह आरती उस आस्था का प्रतीक बनी, जो सरयू की धारा की तरह निरंतर प्रवाहित होती है। दीपों के इस उजास में रामनगरी ने एक बार फिर अपनी सनातन आत्मा, सांस्कृतिक वैभव और आध्यात्मिक चेतना का दर्शन कराया।
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