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अयोध्यावासियों को रामलला के दर्शन के लिए आधार कार्ड से सीधी एंट्री देने पर मंथन, ट्रस्ट की बैठक में होगा फैसला

Published: Thu, 15 Oct 2026 09:43 PM (IST)

अयोध्या के राम मंदिर में स्थानीय निवासियों और साधु-संतों के लिए आधार कार्ड के जरिए रामलला के सीधे दर्शन की व्यवस्था पर मंथन चल रहा है।

अयोध्यावासियों को रामलला के दर्शन के लिए आधार कार्ड से सीधी एंट्री देने पर मंथन।

अयोध्यावासियों को रामलला के दर्शन के लिए आधार कार्ड से सीधी एंट्री देने पर मंथन।

HighLights

  1. अयोध्यावासियों को आधार कार्ड से रामलला के सीधे दर्शन का प्रस्ताव।

  2. स्थानीय संतों, गृहस्थों के लिए अलग प्रवेश द्वार पर विचार।

  3. धार्मिक समिति की बैठक 17 अक्टूबर को, ट्रस्ट लेगा अंतिम फैसला।

प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। राम मंदिर में अयोध्यावासियों के गृहस्थ व साधु संतों को दर्शन के लिए अलग द्वार खोलने पर गुरुवार को मंथन होना था। प्रस्तावित धार्मिक समिति की बैठक अपरिहार्य कारणों से टल गई।

बैठक की अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि को करनी थी, वह रामनगरी में मौजूद भी हैं, लेकिन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की फ्लाइट डेढ़ घंटे लेट हो गई। गुरुवार से ही निर्माण समिति की बैठक भी शुरू हुई।

बताया जा रहा कि अब यह बैठक 17 अक्टूबर को होगी। इस मुद्दे पर धार्मिक समिति के सदस्यों सहित प्रमुख संतों महांतों की रायशुमारी ली जाएगी। आधार कार्ड के माध्यम से रामलला का सीधा दर्शन सुलभ कराने की रूपरेखा तय होगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा इस मामले में पुलिस प्रशासन व खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट भी मांगी है। धार्मिक समिति की बैठक में तैयार होने वाली रूपरेखा दो दिसंबर को ट्रस्ट बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। उसके बाद ही फैसला होने की उम्मीद है। दैनिक जागरण ने चार अक्टूबर के अंक में साधु संतों व स्थानीय नागरिकों की यह मांग प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

राम मंदिर में अयोध्यावासियों को आधार कार्ड के माध्यम से रामलला का सीधा दर्शन सुलभ कराने की तैयारी है। स्थानीय संत-महंतों और गृहस्थों के लिए अलग प्रवेश की व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है। इसमें पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को भी अहम माना जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता में 17 अक्टूबर को प्रस्तावित की गई धार्मिक न्यास समिति की बैठक में अयोध्यावासियों को रामलला का दर्शन सुलभ कराने के विषय पर विचार किया जाएगा। इसमें रामनगरी के स्थानीय निवासियों के लिए अलग लेन निर्धारित करने का विषय प्रमुख है।

राम मंदिर में अभी कुल आठ लेन हैं। इनमें से दो लेन सुगम व वीआइपी दर्शन के लिए आरक्षित है। राम कचहरी चारों धाम मंदिर के महांत शशिकांत दास कहते हैं कि स्थानीय संत-महंतों सहित अयोध्यावासी अलग लेन नहीं होने के कारण होने वाली दिक्कतों के बारे में बता चुके हैं।

अलग लेन व प्रवेश द्वार की मांग की गई है। काशी विश्वनाथ धाम व तिरुपति बाला जी की तर्ज पर अगर यह व्यवस्था ट्रस्ट करता है तो स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी।

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