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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, केस डायरी के अध्ययन के लिए 28 तक मिला समय

Published: Thu, 15 Oct 2026 04:13 PM (IST)

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बचाव पक्ष को अभियोजन के दस्तावेजों के अध्ययन और आरोपमुक्ति अर्जी प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मिला है।

अयोध्या राम मंदिर।

अयोध्या राम मंदिर।

HighLights

  1. चढ़ावा चोरी मामले में बचाव पक्ष को मिला दो सप्ताह का समय।

  2. अभियोजन दस्तावेजों के अध्ययन और आरोपमुक्ति अर्जी के लिए मोहलत।

  3. अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को, सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बचाव पक्ष को अभियोजन के दस्तावेजों के अध्ययन और आरोपमुक्ति (डिस्चार्ज) अर्जी प्रस्तुत करने के लिए न्यायालय ने दो सप्ताह का समय दिया है।

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा ने 73 हजार पन्नों की केस डायरी और संबंधित अभिलेखों के विस्तृत होने के कारण बचाव पक्ष की अर्जी स्वीकारते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तिथि तय कर दी है। मामले में सभी आठ आरोपित न्यायिक अभिरक्षा में हैं और बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से न्यायालय में पेश हुए।

बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से उप मुख्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल कुलशेखर सिंह ने अर्जी प्रस्तुत कर बताया कि आरोपितों की ओर से आरोपमुक्ति प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया जाना है।

अभियोजन के दस्तावेजों का गहन अध्ययन आवश्यक है। केस डायरी और संबंधित अभिलेख विस्तृत होने से उनका अवलोकन पूरा नहीं हो सका है।

ऐसे में बचाव पक्ष को तैयारी के लिए समय दिया जाना आवश्यक है। विगत पेशी पर न्यायालय के आदेश पर आरोपितों के अधिवक्ता को लगभग पांच हजार पन्नों की अभियोजन के प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे। सभी आरोपितों को प्रति दिलाए जाने की मांग पर न्यायालय ने कहा कि एक ही अधिवक्ता सभी आठ आरोपितों की ओर से पैरवी कर रहे हैं। जो प्रतियां उपलब्ध कराई गई है वह पर्याप्त है।

आरोपों से बचाव के लिए आरोपित फिर चल सकते हैं बड़ा दांव

बचाव पक्ष की अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने उन्हें मोहलत तो भले दे दी है लेकिन अब आठों आरोपित एक बार फिर अपने ऊपर लगे आरोपों से बचाव के लिए बड़ा दांव चल सकते हैं। बुधवार को आरोपितों की ओर से आरोपमुक्ति अर्जी देने की बात कही गई है। पुलिस ने बीती 23 सितंबर को चार्जशीट प्रस्तुत कर दी है, जिस पर न्यायालय ने संज्ञान भी ले लिया है।