राम मंदिर परिसर में पाली जाएंगी गिरि प्रजाति की गाय, गोशाला बनाने की प्रक्रिया शुर
राम मंदिर परिसर में जल्द ही एक गोशाला का निर्माण होगा, जिसमें गिर प्रजाति की गायें पाली जाएंगी। इन गायों ...और पढ़ें

राम मंदिर परिसर में संचालित होगी गोशाला।
HighLights
राम मंदिर में शीघ्र बनेगी गोशाला।
गिर प्रजाति की पांच गायें पाली जाएंगी।
रामलला के भोग के लिए शुद्ध दूध मिलेगा।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। आदिकाल से मंदिरों का अभिन्न अंग रही गोशाला शीघ्र ही नवनिर्मित राम मंदिर में भी दृष्टिगोचर होगी। इसकी शुरुआत गिर प्रजाति की पांच गायों से होगी। संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और परिसर में उपयुक्त स्थल का चयन किया जा रहा है। शुक्रवार को मणिरामदास छावनी में धार्मिक समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट महासचिव गोविंददेव गिरि की अध्यक्षता में धर्म समिति की बैठक में गोशाला संचालन पर समिति सदस्यों ने सहमति दी। मंदिरों में गोशाला गो संरक्षण का संदेश देती है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के मास्टर प्लान में गोशाला निर्माण पहले से ही शामिल है।
अब जब मंदिर निर्माण अपनी पूर्णता की तरफ अग्रसर हो चुका है, ऐसे में गोशाला का निर्माण कराया जाएगा। राम मंदिर में गोशाला निर्माण से गोवंश संरक्षण का संदेश पूरे विश्व में जाएगा। साथ ही रामलला के भोग की शुद्धता सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।
राम मंदिर में रामलला बाल रूप में प्रतिष्ठित व पूजित हैं। भगवान को दूध का भोग लगाने के साथ ही पंचामृत भी बनाया जाता है। पंचगव्य उत्पादों का निर्माण होता है। इसकी पूर्ति भी गोशाला से हो सकेगी। प्रारंभिक योजना के तहत दो गायें मणिरामदास छावनी, दो महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि और एक गाय रामवल्लभाकुंज की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
इन गायों के दूध का उपयोग रामलला के भोग की सामग्री तैयार करने में किया जाएगा। दूध की जहां नियमित उपलब्धता होगी, वहीं उसकी शुद्धता पर सवाल भी नहीं रहेगा।
राम मंदिर में रामलला की पूजा-अर्चना और भोग की व्यवस्था में परंपराओं के अनुरूप शुद्ध सामग्री के उपयोग को प्राथमिकता दी जाती है। मंदिर परिसर में गोशाला संचालित होने से इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें- अयोध्या में 70 लाभार्थियों को मिला प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, विधायक ने सौंपी चाभी
