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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 सितंबर से पहले कोर्ट में दाखिल होगा आरोप पत्र, अंतिम रूप देने में जुटी पुलिस

Published: Sat, 12 Sep 2026 08:08 PM (GMT+05:30)

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस 25 सितंबर से पहले न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है।

25 सितंबर से पहले न्यायालय में दाखिल होगा आरोपपत्र।

25 सितंबर से पहले न्यायालय में दाखिल होगा आरोपपत्र।

HighLights

  1. पुलिस अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी में आरोपपत्र दाखिल करेगी।

  2. विवेचना निर्णायक मोड़ पर, 25 सितंबर तक आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी।

  3. चढ़ावा चोरी प्रकरण में आठों आरोपित अभी भी जेल में।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब पुलिस की विवेचना का फोकस आरोपपत्र को अंतिम रूप देने पर है। जांच में सामने आए बयानों, साक्ष्यों और आरोपितों से मिली जानकारियों को एक-दूसरे से जोड़ कर घटनाक्रम की तस्वीर साफ की जा रही है। पुलिस को 25 सितंबर तक न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करना है। ऐसे में विवेचना की रफ्तार बढ़ा दी गई है।

पुलिस की विवेचना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। आरोपपत्र को अंतिम रूप देने के लिए पुलिस ने सभी तथ्यों को क्रमबद्ध किया है। पुलिस की कोशिश है कि निर्धारित समय सीमा से पहले न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाए।

25 जून को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आठों आरोपित अभी जेल में हैं। उनसे कई बार पुलिस बातचीत कर चुकी है।

पूछताछ के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं, जिनका सत्यापन किया जा चुका है। 25 सितंबर को दर्ज मुकदमे के 90 दिन पूरे होंगे। इस तीन माह की समयावधि में ही चार्जशीट पुलिस को दाखिल करनी होती है। हालांकि कुछ मुकदमों में पुलिस अतिरिक्त समय पुलिस लेती है।

विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने पिछले सप्ताह मामले के स्टार विटनेस महिपाल सिंह का बयान दर्ज किया। महिपाल का बयान जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब यह देख रही है कि अलग-अलग आरोपितों के बयानों में सामने आई जानकारियां एक-दूसरे से कितनी मेल खाती हैं।

पुलिस ने केवल चोरी की घटना तक विवेचना सीमित नहीं रखी है, बल्कि आरोपितों के बीच संपर्क और उनकी आपसी भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस आरोपितों की भूमिका के आधार पर आरोपपत्र तैयार कर रही है।

माना जा रहा है कि आरोपपत्र दाखिल होने के साथ ही प्रकरण की विवेचना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। आरोपितों ने पुलिस को कुछ नए नाम भी बताए थे। उनकी चोरी प्रकरण में भूमिका भी पुलिस की चार्जशीट तय करेगी।

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