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चढ़ावा चोरी: आरोपी लवकुश की पत्नी को फिर मिला समय, 5 अगस्त तक जमा करने होंगे अवैध मकान के दस्तावेज

Published: Fri, 31 Jul 2026 09:17 AM (IST)

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपित लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा अयोध्या में अपने अवैध निर्माण के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं, उन्हें चौथी बार समय मिला।

चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश की पत्नी को 5 अगस्त तक अवैध मकान के जमा करने होंगे दस्तावेज।

चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश की पत्नी को 5 अगस्त तक अवैध मकान के जमा करने होंगे दस्तावेज।

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपित लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा अपने भवन निर्माण से संबंधित अभिलेख विकास प्राधिकरण में प्रस्तुत नहीं कर पा रही हैं। बुधवार को विकास प्राधिकरण में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रिया ने निर्माणाधीन मकान से संबंधित अभिलेख फिर से प्रस्तुत नहीं किए।

उन्होंने चौथी बार एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे विकास प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है।सुप्रिया का मकान जिस क्षेत्र में बन रहा है, वह महायोजना 2031 के तहत आवासीय निर्माण के लिए प्रतिबंधित है। 15 जुलाई को आरोपित के मकान पर सुप्रिया के नाम की नोटिस चस्पा की गई थी।

नोटिस चस्पा करने के पहले, दो जुलाई और बाद में 22 व 29 जुलाई को एडीए द्वारा नोटिस जारी किया गया था। सुप्रिया को निर्माणाधीन मकान के वैध होने के अभिलेख जमा करने के लिए 29 जुलाई तक का समय दिया गया था, लेकिन हर बार उन्होंने केवल समय बढ़ाने का अनुरोध किया।

दस्तावेजों की जांच चल रही

एडीए सचिव राजेश मिश्रा ने बताया कि कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं और जांच जारी है। सुनवाई की अगली तिथि पांच अगस्त निर्धारित की गई है। एडीए सचिव ने बताया कि सुप्रिया को मकान की वैधता साबित करने के लिए आवश्यक अभिलेख जमा करने के लिए 29 जुलाई तक का समय दिया गया था।

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उन्होंने अधिक समय की आवश्यकता बताते हुए समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। दो जुलाई को एडीए ने सुप्रिया को अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया था। लवकुश ने पत्नी सुप्रिया के नाम पर जमीन खरीदी है, लेकिन विकास प्राधिकरण से अनिवार्य स्वीकृति लिए बिना ही निर्माण शुरू कर दिया।

सुभाष ने पेश किया बैंक लेनदेन का ब्योरा

एक अन्य आरोपित पूर्व बैंककर्मी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा के न्यायालय में अपने पेंशन खाते में हुए प्रत्येक लेनदेन के पाई-पाई का हिसाब दिया। अपनी आपत्ति में सुभाष ने विवेचक की आख्या पर ही कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

बचाव पक्ष की आपत्ति पर जवाब देने के लिए अभियोजन ने समय मांगा, जिस पर न्यायालय ने तीन अगस्त की तिथि नियत की है। जेल में निरुद्ध सुभाष श्रीवास्तव ने बीती 18 जुलाई को पेंशन खाते से निकासी पर लगी रोक को हटाने के लिए न्यायालय में अर्जी प्रस्तुत की थी।

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कहा था कि खाता सीज होने से दवा-इलाज, बिजली बिल इत्यादि के भुगतान पर संकट आ गया। पेंशन खाता ही परिवार के जीविकोपार्जन का आधार है। इस अर्जी पर विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने 21 जुलाई को अपनी आख्या प्रस्तुत करते हुए सीजर की कार्रवाई को विवेचना का हिस्सा बताया था।

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