विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राम मंदिर के सभी कर्मचारियों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन, परिवार और रिश्तेदारों की भी ली जाएगी डिटेल

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:14 PM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 06:19 PM (IST)

राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।

राम मंदिर के सभी कर्मचारी का होगा पुलिस वेरिफिकेशन।

राम मंदिर के सभी कर्मचारी का होगा पुलिस वेरिफिकेशन।

HighLights

  1. राम मंदिर के सभी कर्मचारियों का होगा पुलिस सत्यापन।

  2. कर्मचारियों के परिवार, रिश्तेदारों का विवरण भी लिया जाएगा।

  3. चढ़ावा चोरी मामले के बाद सुरक्षा सख्त की गई।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अभेद्य बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया सख्त कर दी है। मंदिर में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का अब शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन कराया जाएगा।

इसके साथ ही संबंधित कर्मचारी को पुलिस की ओर से जारी चरित्र प्रमाणपत्र भी देना होगा। कर्मचारियों से उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों का विवरण भी लिया जा रहा है। इसमें ट्रस्ट सहित आउटसोर्सिंग एजेंसी के सभी कर्मचारी शामिल होंगे।

चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद ट्रस्ट स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में मंदिर से जुड़े कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच को अनिवार्य किया गया है।

सत्यापन में कर्मचारियों के व्यक्तिगत विवरण के साथ उसके पारिवारिक और रिश्तेदारी संबंधों की जानकारी भी शामिल की गई है। ट्रस्ट कार्यरत लोगों की पृष्ठभूमि का समुचित विस्तृत रिकार्ड तैयार करवा रहा है।

नए सीईओ के नेतृत्व में बदल रही व्यवस्था

मंदिर प्रशासन में किए जा रहे बदलावों की निगरानी ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र कर रहे हैं। उन्होंने पिछले माह पदभार संभाला था।

इसके बाद प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ कर्मचारियों से संबंधित अभिलेखों को भी व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। बताया जाता है कि ट्रस्ट व प्रशासन का जोर अब सुरक्षा के साथ श्रद्धालु सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर है।

यह भी पढ़ें- सरयू में विसर्जित हुई थीं बापू की अस्थियां, रामनगरी में आज भी जीवित हैं स्मृतियां