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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नौ अधिवक्ताओं ने दर्ज कराए बयान, SSP को भी सौंपा शपथपत्र

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:33 PM (IST)

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बार एसोसिएशन का आंदोलन तेज हो गया है। नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी ...और पढ़ें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नौ अधिवक्ताओं ने दर्ज कराए बयान।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नौ अधिवक्ताओं ने दर्ज कराए बयान।

HighLights

  1. अयोध्या बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आंदोलन तेज किया।

  2. नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।

  3. एसएसपी को शपथपत्र सौंपे गए, मुख्य शिकायतकर्ता का बयान शुक्रवार को।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बार एसोसिएशन अयोध्या के आंदोलन ने एक बार फिर से तेजी पकड़ ली है। अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अगुवाई में पदाधिकारियों समेत अधिवक्ताओं रामशंकर यादव, सोमनाथ तिवारी व सौरभ मिश्र के एक दल ने विवेचनाधिकारी आशुतोष तिवारी से वार्ता की और 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र प्रस्तुत किए।

बार उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने बताया कि चढ़ावा चोरी मामले में यहां के अधिवक्ताओं की भावना आहत हुई है। राम मंदिर आंदोलन में अधिवक्ताओं ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रकरण में चंपतराय, अनिल मिश्र, गाेपाल राव व कृष्णमोहन को बचाने का प्रयास किया गया है।

बीती दो जुलाई को बार एसोसिएशन के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल की ओर से रामजन्मभूमि थाना प्रभारी सुमित श्रीवास्तव को तहरीर सौंपी गई थी। इसी के अनुक्रम में गुरुवार को 10 में से नौ अधिवक्ताओं ने विवेचनाधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।

हालांकि, मुख्य शिकायतकर्ता मंत्री शैलेंद्र कुमार जायसवाल के मौजूद न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। यद्यपि उनका शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है। शैलेंद्र जायसवाल पिता के निधन के कारण पहुंच नहीं सके। उनका बयान शुक्रवार को दर्ज किया जाएगा।

बयान दर्ज कराने वालों में पूर्व अध्यक्ष सूर्यनारायण सिंह, संजीव दुबे, राकेश मिश्र, आलोक खरे, दिनेश सिंह, पंकज द्विवेदी, बद्री प्रसाद यादव, दूधनाथ मिश्र व मनोज सिंह शामिल हैं।

इससे पूर्व इन सभी ने शपथपत्रों की दो प्रतियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी सौंपी। जिसमें से एक विवेचनाधिकारी तथा दूसरी एसआईटीके लिए दी गई है। उपाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने बताया कि बार की ओर से भी ईमेल व रजिस्ट्री के माध्यम से इन बयानों की प्रति एसआईटीको भेजी गई है।

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