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राम मंदिर ट्रस्ट के नए प्रयोग से दर्शनार्थियों का उत्साह बढ़ा, संख्या में नहीं आई कमी

Published: Sat, 16 May 2026 09:34 AM (IST)

भीषण गर्मी के बावजूद अयोध्या में प्रतिदिन 80 हजार से अधिक श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ...और पढ़ें

सप्तर्षि मंदिरों का दर्शन करने के बाद रामजन्मभूमि परिसर के कुबेर टीले की ओर जाते श्रद्धालु। सौ. ट्रस्ट

सप्तर्षि मंदिरों का दर्शन करने के बाद रामजन्मभूमि परिसर के कुबेर टीले की ओर जाते श्रद्धालु। सौ. ट्रस्ट

HighLights

  1. भीषण गर्मी में भी 80 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन

  2. राम मंदिर ट्रस्ट ने पास की बाध्यता हटाई, उत्साह बढ़ा

  3. डेढ़ से दो घंटे में सभी 18 मंदिरों के दर्शन संभव

लवलेश कुमार मिश्र, अयोध्या। सूर्यदेव के तीखे तेवर भी रामलला के दर्शनार्थियों की आस्था की राह नहीं रोक पा रहे हैं। पहले की अपेक्षा श्रद्धालुओं की संख्या भले कुछ कम हुई हो, परंतु भीषण गर्मी में भी उनका उत्साह देखते ही बनता है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ‘प्रयोग’ ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया है।

पूरक व सप्तर्षि मंदिरों में दर्शन के लिए पास की बाध्यता लगभग समाप्त हो जाने से अब राम मंदिर पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को इच्छानुसार मंदिरों में दर्शन मिल रहा है। वे डेढ़ से दो घंटे के भीतर सभी 18 मंदिरों में दर्शन कर वापस हो रहे हैं। यद्यपि सप्तर्षि मंदिरों के दर्शनार्थियों की संख्या पूरक मंदिरों के मुकाबले कम देखी जा रही है। इसका कारण श्रद्धालुओं का नंगे पांव चलना और अधिक दूरी है।

रामजन्मभूमि परिसर के सात पूरक व सात ऋषियों-मुनियों के मंदिरों में ट्रस्ट ने गत 13 अप्रैल से दर्शन शुरू कराया है। पहले इनमें पासधारक श्रद्धालुओं को ही दर्शन कराया जा रहा था। जिन श्रद्धालुओं के पास सुगम, नित्य या विशिष्ट पास होता था, उन्हें रामलला व राम परिवार के अलावा परकोटे के छह मंदिरों में भी दर्शन मिल रहा था।

वहीं, जो श्रद्धालु आनलाइन सामान्य पास बनवा कर पहुंचते थे, उन्हें रामलला व राम परिवार के अतिरिक्त परकोटे के बाहर बने शेषावतार मंदिर, सप्तर्षि मंदिर और कुबेर टीले पर दर्शन मिल रहा था। यह क्रम कुछ दिनों तक ही चला, श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम हुई ताे ट्रस्ट ने मई माह से ही प्रायोगिक तौर पर नई व्यवस्था शुरू कर सभी दर्शनार्थियों को सभी मंदिरों में दर्शन की अनुमति दे दी।

इस कारण अब दर्शनार्थी मनचाहे ढंग से दर्शन कर पा रहे हैं। उन्हें राम मंदिर के अलावा परिसर के सभी पूरक व सप्तर्षि मंदिरों में दर्शन करने में लगभग दो घंटे लग रहे हैं। परकोटे के मंदिरों में दर्शन करने में तो आसानी हो रही है, परंतु इसके बाहर परिसर के दक्षिणी हिस्से में बने सप्तर्षि मंदिरों व कुबेर टीले पर जाने में अधिक पैदल चलना पड़ रहा।

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कुछ मार्गों पर तो ट्रस्ट ने मैटिंग करा दी है, परंतु कुछ स्थानों पर नंगे पांव जाना पड़ता है। इस वजह से सप्तर्षि मंदिरों व कुबेर टीले की तरफ श्रद्धालुओं की संख्या सीमित ही रहती है। बावजूद इसके अभी भी प्रतिदिन 75 से 85 हजार के मध्य श्रद्धालु आ रहे हैं।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से अनुमति प्रदान करने के बाद श्रद्धालुओं को बेरोकटोक मंदिरों में दर्शन कराया जा रहा है। सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन मिल सके, इसके लिए विभिन्न प्रकार के सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं और सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं।

पिछले छह दिनों में आए दर्शनार्थी :
दिन दर्शनार्थियों की संख्या

  • नौ मई 82 हजार 364
  • दस मई 83 हजार 296
  • 11 मई 81 हजार 235
  • 12 मई 85 हजार 660
  • 13 मई 87 हजार 236
  • 14 मई 76 हजार 258