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राम जन्मभूमि से जानकी जन्मभूमि तक राह आसान: अयोध्या से सीतामढ़ी तक 4 लेन का रास्ता साफ; भूमि अधिग्रहण शुरू

Published: Sat, 16 May 2026 09:29 AM (GMT+05:30)

मोतिहारी जिले से गुजरने वाले राम-जानकी पथ के निर्माण के सभी अवरोध दूर हो गए हैं, जिससे अयोध्या से सीतामढ़ी तक की राह आसान होगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

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सत्येंद्र कुमार झा, मोतिहारी। राम जन्मभूमि से जानकी जन्मभूमि की राह जल्द आसान होने वाली है। जिले से गुजरने वाली राम-जानकी पथ के निर्माण के सभी अवरोध दूर हो चुके हैं। इस फोरलेन पथ के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

3(a) के प्रकाशन के बाद पांच सदस्यीय कमेटी अलाइमेंट क्षेत्र का निरीक्षण कर भूमि के किस्म का निर्धारण कर रही है। बता दें कि यह सड़क पर्यटकीय दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। अयोध्या से सीतामढ़ी तक यह सड़क प्रभु श्री राम व मां जानकी की जन्मभूमि को जोड़ने का काम करेगा।

यह मार्ग तेज व सीधा होगा जिससे लोगों को आवागमन की राह आसान होगी। बताया गया कि एक माह में भूमि के किस्म का निर्धारण कर भूमि अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

जिले सात अंचलों के 49 राजस्व गांवों से गुजरेगी सड़क

राम-जानकी सड़क का पूर्व में दो लेन का निर्माण किया जाना था। लेकिन इसके महत्व को देखते हुए फोरलेन में परिवर्तित किया गया। इस कारण योजना लंबित हो गया था। हर प्रकार की स्वीकृति के बाद अब भूमि का अधिग्रहण तेज कर दिया गया है। यह सड़क जिले के सात अंचलों के 49 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगी।

केसरिया के ढेकहां में यह सड़क जिले में प्रवेश के पताही से शिवहर में प्रवेश करेगी। केसरिया अंचल के 11, कल्याणपुर के 15, चकिया के तीन, मेहसी के एक मधुबन के 13, फेनहारा के पांच एवं पताही के एक राजस्व ग्राम से होकर गुजरने वाली इस सड़क की जिले में लंबाई 56 किमी होगी।

बताया गया कि किस्म के निर्धारण के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद दावा एवं आपत्ति लिया जाएगा व उसके निष्पादन के बाद अधिघोषणा का प्रकाशन कर रैयतों को मुआवजा की राशि का भुगतान किया जाएगा।

राम-जानकी दर्शन के साथ बौद्ध दर्शन का मिलेगा लाभ

पर्यटकों को राम-जानकी पथ प्रभु श्रीराम के साथ मांता सीता के दर्शन के साथ बौद्ध स्तूप का भी दर्शन कराएगा। जिले में प्रवेश के साथ बौद्ध दर्शन का लाभ पर्यटकों को मिलेगा। यह सड़क निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर से होकर गुजरेगा।

जहां दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग के दर्शन के साथ रामायण मंदिर में लोग भ्रमण कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यह सड़क चकिया प्रखंड के सीताकुंड धाम को भी कनेक्ट करेगा जहां पर्यटक जा सकेंगे। साथ ही विभिन्न अंचलों से गुजरते हुए मां सीता की नगरी सीतामढ़ी तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकेंगे।

बदलेगी आर्थिकी, रोजगार सृजन के बढ़ेंगे अवसर

राम-जानकी पथ के निर्माण के बाद गुजरने वाले क्षेत्रों की आर्थिकी बदलेगी। आसपास की भूमि की उपयोगिता बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर का सृजन होगा। पेट्रोल पंप, होटल, फुड प्लाजा समेत कई छोटे-छोटे उद्योग व रोजगार लोग कर सकेंगे।

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जिले के 56 किमी की राम-जानकी पथ का पांच सदस्यीय कमेटी का निरीक्षण प्रारंभ हो गया है। एक माह में भूमि के किस्म का निर्धारण कर अधिसूचना जारी की जाएगी।

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विकास कुमार, सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण