अयोध्या चढ़ावा चोरी: खंगाले गए 500 से अधिक बैंक खाते, पुलिस ने न्यायालय में दाखिल की चार्जशीट
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। जांच के दौरान 500 से ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
जांच में 500 से अधिक बैंक खाते बारीकी से खंगाले गए।
अधिवक्ताओं ने चंपतराय सहित अन्य पर एफआईआर की मांग की।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। चढ़ावा चोरी की जांच का दायरा कितना व्यापक था, इसका अंदाज कोर्ट में दाखिल की गई पुलिस की चार्जशीट से लगता है। जांच के दायरे में पांच सौ से अधिक तो बैंक खाते ही आए। ये खाते ट्रस्टियाों, संदिग्धों के अलावा सभी गणना कर्मियों व ट्रस्ट कर्मियों के हैं, जो विभिन्न बैंकों में थे।
खातों की जांच से आठ आरोपितों के कनेक्शन खंगाले गए, यह देखा गया कि कहीं इन खातों में आरोपितों के खाते से धनराशि का स्थानांतरण तो नहीं किया गया। ट्रस्ट के खाते भी खंगाले गए। विवेचना से जुड़े रहे एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों के खातों को बारीकी से जांचा गया है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल किए जाने की सूचना मिलते ही बुधवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रकरण में चंपतराय, डा.अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को पहले ही तहरीर दी जा चुकी है। ऐसे में उनकी आपत्ति पर विचार किए बिना चार्जशीट दाखिल नहीं की जानी चाहिए।
चढ़ावा चोरी टाइम लाइन
सात जून को सपा नेता पवन पांडेय ने मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से करोड़ों रुपये की चोरी का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले को उठाया। आठ जून : तत्कालीन महासचिव चंपतराय ने आरोपों को खारिज किया।
10 जून : प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसी दिन नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचकर बैठक की। 11 जून : ट्रस्ट के पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह का वीडियो सामने आया। दावा किया कि उन्होंने 2021-22 में चढ़ावे की चोरी पकड़ी थी और उससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए थे।
13 जून : ट्रस्ट के आग्रह पर सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की। 15 जून : एसआइटी ने चंपतराय और गोपाल राय समेत कर्मचारियों से पूछताछ की।23 जून : एसआइटी ने एसीएस संजय प्रसाद को करीब 20 पन्नों की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। 25 जून : रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआइआर।
26 जून : सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।25 जुलाई : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने एसआइटी का पुनर्गठन किया। 21 सितंबर : नई एसआइटी ने दस्तावेजों का परीक्षण किया। 23 सितंबर : चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
