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अयोध्या में मूसलाधार बारिश में कागजों पर चलता रहा फावड़ा, पोर्टल पर 1124 मजदूर हाजिर

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:42 PM (GMT+05:30)

अयोध्या में मूसलाधार बारिश के दौरान मनरेगा (वीबी जीरामजी) योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। वहीं, बारिश में ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. अयोध्या में भारी बारिश के दौरान मनरेगा में फर्जीवाड़ा उजागर।

  2. 25-27 सितंबर को 1124 मजदूरों को काम पर दिखाया गया।

  3. 3.37 लाख रुपये का भुगतान अब रद्द किया जा रहा है।

प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। मनरेगा का नाम बदल कर वीबी जीरामजी किया गया, लेकिन फर्जीवाड़ा नहीं थमा। प्रधान, पंचायत सचिव सहित अधिकारी आपदा में अवसर तलाशने का प्रयास करते रहते हैं। 25 से 27 सितंबर तक प्रदेश में मूसलाधार बारिश और अर्नब चक्रवात का असर रहा। स्कूल-कॉलेज बंद थे। तीन दिन बारिश की बूंदें नहीं थमीं।

डीएम शशांक त्रिपाठी ने लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी। लेकिन वीबी-जी रामजी योजना में मजदूर काम कर रहे थे। उनकी बाकायदा हाजिरी भी नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) पोर्टल पर दर्ज की गई।

तीन दिन में 11 ब्लॉक में 1124 मजदूरों को काम पर दिखाया गया। इनके नाम पर 3.37 लाख रुपये मजदूरी का भुगतान होना था, लेकिन दैनिक जागरण की पड़ताल के बाद अब मस्टर रोल को शून्य करने की तैयारी है।

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25 सितंबर को आठ ब्लॉकों में 297 मजदूरों की हाजिरी दिखाई गई। इनमें बीकापुर में आठ, हरिंग्टनगंज में 27, मसौधा में दो, मवई में 134, मिल्कीपुर में 13, रुदौली में 101, सोहावल में चार, तारुन में आठ मजदूर शामिल हैं। 26 सितंबर को बीकापुर में तीन, मवई में 21, मिल्कीपुर में चार यानी तीन ब्लॉक में 28 मजदूर काम पर दिखाए गए।

27 सितंबर को 10 ब्लॉक में 799 श्रमिक काम करते हुए पोर्टल पर दर्ज किए गए। इनमें अमानीगंज में 175, बीकापुर में एक, हरिंग्टनगंज में 62, मसौधा में आठ, मवई में 174, मिल्कीपुर में 42, पूराबाजार में 65, रुदौली में 254, सोहावल में 11 व तारुन में सात मजदूर पोर्टल पर दर्ज हैं।

खास बात यह है कि अधिकतर कार्य मिट्टी पटाई व पौधारोपण के बताए गए हैं। बारिश में मिट्टी का काम होना तो दूर, मजदूरों का घर से निकलना तक मुश्किल था। इसके बावजूद पोर्टल पर श्रमिकों की उपस्थिति तीनों दिन दर्ज की गई।

29 सितंबर को शाम चार बजे तक भी बारिश के दौरान काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी पोर्टल पर दर्ज है। उपायुक्त उपेंद्र पाठक ने बताया कि पौधारोपण के लिए मजदूर लगाए गए थे। बारिश में पौधे उलटें पलटें न, इसलिए श्रमिकों को लगाया गया था। ब्लॉक से पता कर स्पष्ट कर पाएंगे।

थोड़ी देर बाद उन्होंने बताया कि मस्टर रोल को शून्य कर दिया गया है। लेकिन जब एनएमएमएस पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज होने का सवाल किया गया तो बताया कि मस्टर रोल की जांच कराई जाएगी। ऐसे में श्रमिकों की हाजिरी ने योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।

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