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अयोध्या में भूखे पेट रहकर मरीज ने रातभर किया ऑपरेशन का इंतजार, सुबह पता चला खराब है मशीन

Published: Tue, 25 Aug 2026 11:44 AM (GMT+05:30)

अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में पिछले दो माह से न्यूरो सर्जरी ठप है, जिससे मरीजों को भर्ती कर ...और पढ़ें

खराब पड़ी मशीन।

खराब पड़ी मशीन।

HighLights

  1. राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में दो माह से न्यूरो सर्जरी ठप।

  2. बिजली और बेहोशी की मशीन खराब होने से ऑपरेशन रद्द।

  3. मरीजों को भर्ती कर भूखे पेट रखने के बाद वापस भेजा जा रहा।

प्रमोद दुबे, अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में करीब दो माह से न्यूरो रोगियों का ऑपरेशन नहीं हो रहा। ऑपरेशन के निर्धारित दिन से पहले मरीज को भर्ती कर उन्हें खाली पेट भी रखा जा रहा है। ऑपरेशन की सूची में बाकायदा रोगियों के नाम भी अंकित रहते हैं। यही नहीं उन्हें रात 11 बजे के बाद से भोजन-पानी नहीं दिया जाता है, पर जब सुबह ऑपरेशन का समय आता है तो राेगियों और तीमारदारों को मशीन खराब हाेने की जानकारी दी जाती है। इसके साथ भोजन करने के लिए अनुमति दे दी जाती है।

यह सिलसिला किसी एक दिन का नहीं है, ये पिछले करीब दो माह से चल रहा है। यह सब प्रत्येक ओटी के दिन होता है। चिकित्सक मरीजों को मशीन ठीक होने की उम्मीद में भर्ती करते हैं। पर जब उन्हें बताया जाता है कि मशीन चल नहीं रही तो वह मरीजों को वापस भेज देते हैं। कई रोगियों को तो चिकित्सकों ने रेफर भी कर दिया। इस समस्या के समाधान के लिए चिकित्सकों की ओर से कालेज प्रशासन को बार- बार सूचित किया भी जा चुका है। पर बात नहीं बन रही । इसकी जानकारी निरीक्षण के दौरान महानिदेशक परिवार कल्याण को भी दी गई है।

मेडिकल कॉलेज में न्यूरो रोगियों के उपचार के लिए के दो सर्जन डॉ. विक्रांत यादव और डॉ. विकास द्विवेदी की तैनाती हुई है, जबकि ऑपरेशन के लिए नए भवन के पांचवें तल पर आधुनिक ओटी बनाया गया है, लेकिन करीब दो माह से ओटी की पहले बिजली खराब हो गई। यह ठीक भी नही हुई थी कि इसी बीच बेहोशी देने वाला वर्क स्टेशन खराब हो गया। इसकी मरम्मत के लिए चिकित्सकों के अतिरिक्त रोगियों और तीमारदारों ने भी मांग की है।

इनको प्रत्येक दिन समस्या दूर करने का भरोसा दिया जाता है। आश्वासन के आधार पर रोगियों को ऑपरेशन के लिए चिकित्सक भर्ती भी कर ले रहे। रात में रोगियों को सुबह ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी जाती और उनका भोजन पानी रात में बंद कर दिया जाता है। पर ऑपरेशन का समय आने के पहले ही सुबह दस से 11 बजे तक मशीन का हाल देखकर रोगियों को आजाद कर दिया जाता है।

बिजली और मशीन खराब है। ठीक कराने के लिए कंपनी को बोला गया है, कर्मचारी आ रहा है। अतिशीघ्र समस्या का समाधान हो जाएगा।- डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया, प्राचार्य

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