अयोध्या में 70 करोड़ की लागत से मां कामाख्या मार्ग का होगा चौड़ीकरण, श्रद्धालुओं की राह होगी आसान
अयोध्या में मां कामाख्या धाम तक जाने वाले 22.50 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिस पर 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
22.50 किमी मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
परियोजना की अनुमानित लागत 70 करोड़ रुपये है।
श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। शारदीय नवरात्र से पहले मां कामाख्या धाम को एक बड़ा उपहार योगी सरकार की तरफ से मिल सकता है। मां कामाख्या धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की उम्मीद जगी है।
धर्मार्थ योजना के तहत रुदौली से मां कामाख्या मंदिर तक करीब 22.50 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को इसी माह स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए करीब 70 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार किया है।यह मार्ग अमेठी जिले को जोड़ती है।
रुदौली के बारामासी पौशाला से मां कामाख्या मंदिर तक प्रस्तावित मार्ग को सात मीटर चौड़ी काली डामर सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर 2.50-2.50 मीटर की पटरी बनाई जाएगी।
इस तरह मार्ग की कुल चौड़ाई 12 मीटर होगी। मार्ग चौड़ा होने से मां कामाख्या धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। दो माह पहले मां कामाख्या धाम आए सीएम योगी आदित्यनाथ से विधायक ने मार्ग चौड़ीकरण की मांग की थी। विधायक को सीएम ने प्रस्ताव भेजने को कहा था।
मां कामाख्या धाम में धार्मिक आयोजनों और प्रमुख पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से इस मार्ग पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। मौजूदा मार्ग की चौड़ाई कम होने से आवागमन प्रभावित होता है। चौड़ी सड़क बनने से भीड़ के समय यातायात को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विधायक रामचंद्र यादव ने बताया कि रुदौली से मां कामाख्या मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। श्रद्धालुओं का सफर सुगम होगा। धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
