राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चार्जशीट दाखिल होते ही अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार, कोर्ट कक्ष के बाहर विरोध
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल होते ही अयोध्या में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
HighLights
राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चार्जशीट दाखिल होते ही विरोध।
अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर कोर्ट कक्ष के बाहर विरोध।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल किए जाने की सूचना मिलते ही बुधवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
अधिवक्ता विशेष न्यायाधीश, न्यायालय संख्या एक, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायालय कक्ष के बाहर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। इससे न्यायालय परिसर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले उनकी ओर से दी गई आपत्ति पर सुनवाई की जानी चाहिए।
उनका कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को पहले ही तहरीर दी जा चुकी है। ऐसे में उनकी आपत्ति पर विचार किए बिना चार्जशीट दाखिल नहीं की जानी चाहिए।
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पुलिस की चार्जशीट में जेल में निरुद्ध टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र समेत आठ आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। अब चार्जशीट में ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंककर्मियों की भूमिका को लेकर पुलिस ने क्या तथ्य दर्ज किए हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
अधिवक्ता न्यायालय कक्ष के द्वार पर विरोध कर रहे हैं। कार्य बहिष्कार और विरोध के चलते न्यायालय परिसर में स्थिति पर पुलिस-प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। भारी पुलिस बल न्यायालय कक्ष के सामने पहुंच रहा है।
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