विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अयोध्या के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, बुलेट ट्रेन और प्रयागराज-वाराणसी एक्सप्रेसवे के लिए जगी उम्मीद

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:25 PM (IST)

अयोध्या में बुलेट ट्रेन और प्रयागराज-वाराणसी एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित योजनाओं से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इससे रामनगरी के ...और पढ़ें

रामनगरी को लेकर वैश्विक साझेदारी और वेस्ट मैनेजमेंट पर भी चर्चा।

रामनगरी को लेकर वैश्विक साझेदारी और वेस्ट मैनेजमेंट पर भी चर्चा।

HighLights

  1. बुलेट ट्रेन व एक्सप्रेसवे से अयोध्या के औद्योगिक विकास को गति।

  2. उद्यमियों ने वैश्विक पहचान हेतु अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का सुझाव दिया।

  3. खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु आधुनिक प्रयोगशाला की मांग उठी।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। अयोध्या में बुलेट ट्रेन की संभावनाओं और प्रयागराज व वाराणसी को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित योजना से औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) के अयोध्या चैप्टर की ओर से आयोजित औद्योगिक मंथन कार्यक्रम में डीएम शशांक त्रिपाठी ने इन दोनों परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है, जबकि एक्सप्रेसवे की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बेहतर कनेक्टिविटी से रामनगरी के उद्योगों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार में मदद मिलेगी।

होटल पार्क इन बाय रेडिसन में आयोजित कार्यक्रम में उद्यमियों ने औद्योगिक विकास, आधारभूत सुविधाओं, प्रशासनिक समन्वय और अयोध्या को वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। डीएम ने औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं और उद्यमियों के सुझावों पर भी विचार किया।

गुणवत्ता बेहतर करने में मिलेगी मदद

जीआर एग्रो इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक अजय झुनझुनवाला ने फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने का मुद्दा उठाया। कहा कि गुणवत्ता परीक्षण की सुविधा मिलने से उद्योगों को तकनीकी जरूरतें पूरी करने में सहूलियत होगी। उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने और विस्तार में मदद मिलेगी।

उद्यमियों ने आनलाइन डिस्प्यूट रेजोल्यूशन (ओडीआर) पोर्टल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उनका कहना था कि इसके माध्यम से औद्योगिक समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिली है। उद्यमियों ने प्रशासन और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम), उपायुक्त उद्योग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। आइआइए अयोध्या चैप्टर के चेयरमैन सुमित जायसवाल, सचिव देवेंद्र राय, अजय झुनझुनवाला, अविनाश चंद्र, वेद कृष्ण, शैलेश कटियार, अजहर अली, संजीव गोयल, आशीष अग्रवाल, उदय प्रताप सिंह और सोमिल मिश्रा सहित अन्य उद्यमियों ने भाग लिया।

विदेशी साझेदारी से वैश्विक पहचान पर जोर

उद्यमियों ने अयोध्या के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ब्राजील, इजरायल और कोरिया सहित विभिन्न देशों के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी साझेदारी विकसित करने का सुझाव दिया। इससे नई तकनीक, निवेश और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई।

औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी होगा कचरा प्रबंधन

औद्योगिक क्षेत्रों में वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। उद्यमियों ने कचरा निस्तारण से जुड़ी समस्याओं और सुधार के सुझावों को सामने रखा। डीएम ने सभी औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू कराने का आश्वासन दिया।

यह भी पढ़ें- अयोध्या की सड़कें-गलियां होंगी खूबसूरत, रामनगरी को ₹280.54 करोड़ से सजाने-संवारने में जुटा प्राधिकरण