जागरण विमर्श: अयोध्या में कई पीढ़ियों से रहने वाले बेघर परिवारों को मिलेगा अपना घर, महापौर ने की घोषणा
अयोध्या में जागरण विमर्श के दौरान महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने घोषणा की कि कई पीढ़ियों से रामनगरी में रह रहे बेघर परिवारों को स्थायी आवास मिलेगा।

महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने अयोध्या के अप्रवासियों स्थायी आवास देने का किया एलान।
HighLights
अयोध्या में बेघर परिवारों को मिलेगा स्थायी आवास।
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने की महत्वपूर्ण घोषणा।
अयोध्या के विकास और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श।
नरेन्द्र मिश्र, अयोध्या। रामनगरी में जागरण विमर्श के पहले सत्र में भव्यता, दिव्यता व विकास के नए सोपान गढ़ रही अयोध्या की तस्वीर उभरी बल्कि समस्याओं पर समाधान व भविष्य की योजनाएं भी सामने आईं। पहले सत्र के मुख्य अतिथि विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महापौर महांत गिरीश पति त्रिपाठी के साथ विशेषज्ञ अवध विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. संत शरण मिश्र ने विमर्श किया।
सत्र संचालक दैनिक जागरण के जिला प्रभारी रमाशरण अवस्थी ने 10 वर्ष के कालखंड में रामनगरी के विकास और आवश्यकता पर मूल सवाल किए तो, जिम्मेदारों ने वास्तविक समाधान पर आधारित स्पष्ट उत्तर दिए।
व्यापारी राजनीतिक पृष्ठभूमि से नगर विधायक बने वेद प्रकाश गुप्ता का बीते काल की अयोध्या का दर्द सामने आया। हर्ष के साथ कहा वर्ष 2017 से पहले पूर्व की सरकारों से मिली वेदना अंतहीन लगती थी। श्रीराम लला नगरी अयोध्या में दुर्दशा पर यहां देश और विदेश से आने वाले लोगों की पीड़ा देखी नहीं जाती थी।
सपा सरकार का उल्लेख किए बगैर स्पष्ट रूप से कहा कि पहले की सरकार को परिवार और एक धर्म के सराेकार में रुचि थी। अयोध्या की गौरवशाली संस्कृति से उन्हें सीधे तौर पर दिक्कत थी, वह कभी नहीं चाहते थे, विश्व पटल पर अयोध्या की पुरातन और सनातन गाथा को आने वाली पीढ़ी अनुकरण करे। समय बदला और सांस्कृतिक जीवंतता की साक्षी अयोध्या की विरासत संजोने की पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरू करने के लिए अयोध्यावासियों से सीधे संवाद किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना के आधार पर यहां विराट दीपोत्सव से शुरू हुई पुरातन और सत्य सनातन परंपरा की श्रृंखला पुण्य सलिला मां सरयू की आरती और फिर श्रीराम लला के भव्य मंदिर निर्माण से विश्वस्तरीय नगरी बनने के शिखर की ओर बढ़ती जा रही है।
नव्य अयोध्या के रूप में अयोध्या का पौराणिक व धार्मिक स्वरूप निखर रहा है। जिले का नाम फैजाबाद से बदलकर अयोध्या किया गया। श्रीरामजन्मभूमि का फैसला के बाद दिव्य भव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान होकर हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं।
महापौर महांत गिरीशपति त्रिपाठी रामनगरी के लिए पीएम मोदी की संकल्पना को आत्मसात करने की बात करते हुए विमर्श को आगे बढ़ाते हैं। पीएम मोदी की संकल्पना में अयोध्या को विश्व की सबसे सुंदरतम, अलौकिक, दिव्य, भव्य के साथ आधुनिक नगरी बताया।
इसी क्रम में अयोध्या को संपूर्ण रघुकुल गोंडा, बस्ती, बाराबंकी को जोड़ने के लिए पंच और चौदह कोसी पौराणिक परिक्रमा पथ बनकर पूर्ण हो रहे हैं। इन पथ से जहां अयोध्या का यातायात सुगम होगा, वहीं रघुकुल एवं अवध से यहां आने वालों की राह आसान हो रही है। यहां से बसों का संचालन बढ़ने से श्रीराम लला के दर्शन में यातायात की कठिनाई समाप्त हो जाएगी।
महापौर ने जागरण विमर्श में श्रीराम लला की अयोध्या में आकर बसने वाले आश्रयहीन परिवारों के लिए बड़ी घोषणा कर दी। यानि कि जो कई पीढ़ियों से रामनगरी में रह रहे हैं, लेकिन उनका अपना कोई घर और ठिकना नहीं है, ऐसे अयोध्यावासियों को अब स्थाई आवास की सुविधा मिलने वाली है।
मुख्यमंत्री से अयोध्या के अप्रवासियों के लिए एक बड़ी आवासीय योजना की मांग पर सहमति मिलने की बात कही। साफ है कि अयोध्या में एक बड़ी आवासीय योजना प्रदेश सरकार की ओर दी जानी है। ऐसे में जो अयोध्या धाम में आया, वह अब यहां से कभी कहीं और नहीं जाएगा। यही नहीं अयोध्यावासी बनने की ललक में महान अभिनेता अमिताभ बच्चन भी हैं। वह अपने पिता की स्मृतियों को श्रीरामलला की नगरी से जोड़ने के लिए धर्मशाला बनवा रहे हैं।
अवध विश्व विद्यालय के प्रवक्ता डॉ. संत शरण मिश्र अयोध्या की आभा और दिव्य बनाने को विमर्श में शामिल करने से खुद को रोक नहीं पाए। स्पष्ट तौर पर कहा कि यह ध्यान देना बहुत जरूरी है, कि अयोध्या की आध्यात्मिक आत्मा प्रभावित न होने पाए, क्यों कि पूरे विश्व में अयोध्या आध्यात्मिक जागरण की भूमि है।
यहां केवल पर्यटन नहीं, बल्कि सतत पौराणिक आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला का समग्र तौर पर नियोजन किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सरकार की ओर से यहां विश्व स्तरीय सुविधायुक्त आडिटोरियम के निर्माण की योजना बनाना अपेक्षित है।
डॉ. संत शरण यहीं नहीं रुके उन्होंने यहां की चिकित्सा सुविधा पर भी बड़ा सवाल उठाया। कहा, यहां पूरे विश्व से लोग आते हैं, उनके और अयोध्यावासियों के लिए यहां उपचार की कोई बड़ी परियोजना नहीं आई है। यहां से लोगों को आज भी लखनऊ से पहले समग्र चिकित्सा उपचार नहीं मिल पा रहा है।
इस बड़ी बिडंबना पर सोचना होगा, कि अयोध्या को एम्स और एसजीपीजीआई जैसे चिकित्सा उपचार अनुसंधान संस्थान की स्थापना की जाए। साथ ही कारपोरेट हास्पिटल का भी यहां समुचित नियोजन किया जाना सबके लिए हितकर होगा।
विश्वस्तरीय अयोध्या में शिक्षा के उन्नयन की बात भी विमर्श में डॉ संत ने उठाई और समाधान भी बताया। अवध विश्व विद्यालय के साथ ही यहां ही नहीं अपितु प्रदेश के शैक्षणिक परिवेश को समृद्ध करने के लिए एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने प्रमाणिक तथ्य प्रस्तुत किए।
गुलाब बाटिका सुंदरीकरण से बनेगी मोहक
अयोध्या प्रसिद्ध गुलाब वाटिका के सुंदरीकरण, अयोध्या की चारों दिशा में चार भव्य द्वार के संग पुराने सीतापुर आइ हास्पिटल को नवीन अस्पताल बनवाया जा रहा है। सुरक्षा के आधारभूत ढांचा के लिए सभी पथों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ सुरक्षित बनाने के लिए सभी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली प्लान लागू हो रहा है।
नगर के भीतर यातायात को और बेहतर करने की योजना में स्थानीय लोगों के लिए विशेष प्रबंध किया जाना शामिल है। सुदूर अंचल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरे नगर के लिए नियोजित प्लान को अपडेट किए जाने की प्राथमिकता नगर विधायक और महापौर ने बतायी।
