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अयोध्या में पराली जलाने पर सख्त हुआ प्रशासन, एआई, सैटेलाइट और मोबाइल सेंसिंग से होगी निगरानी

Published: Thu, 15 Oct 2026 04:27 PM (IST)

अयोध्या प्रशासन पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट डेटा और मोबाइल सेंसिंग जैसी तकनीकों ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. पराली जलाने पर अंकुश लगाने को प्रशासन सख्त।

  2. एआई, सैटेलाइट से होगी खेतों की निगरानी।

  3. किसानों को जागरूक करने को चलेंगे अभियान।

नफीस खां, रुदौली (अयोध्या)। खेतों में पराली जला कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा। धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी की है। पराली जलने की घटनाओं का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सैटेलाइट डेटा और मोबाइल सेंसिंग जैसी तकनीकों की मदद ली जाएगी। ताकि पर्यावरण प्रदूषण रोकने के साथ फसल अवशेष का उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सके।

सैटेलाइट डेटा और मोबाइल सेंसिंग के माध्यम से आग लगने की घटनाओं का पता लगाया जा सकेगा। अभियान के माध्यम से पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के तरीके भी बताए जाएंगे। उप कृषि निदेशक कार्यालय के सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट प्रवीण बरनवाल ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए छह मोबाइल वैन के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा।

विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाकर पराली जलाने के नुकसान और उसके उचित प्रबंधन के विकल्पों की जानकारी दी जाएगी। तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि धान की कटाई के दौरान खेतों में बचने वाले फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण बढ़ता है, वहीं मिट्टी के उपयोगी सूक्ष्मजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ऐसे में गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को पराली निस्तारण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देना भी जरूरी है। वही सहायक विकास अधिकारी कृषि चंद्रसेन ने बताया कि पिछले वर्ष रुदौली क्षेत्र में पराली जलाने की 33 घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं को देखते हुए इस बार निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ जागरूकता अभियान पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकना और उन्हें उपलब्ध विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

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