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अब किसानों को नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, खाद-बीज और कीटनाशकों की होगी होम डिलीवरी

Published: Sun, 22 Feb 2026 06:31 PM (IST)Updated: Sun, 22 Feb 2026 06:41 PM (IST)

सहकारिता विभाग ने अयोध्या के किसानों के लिए उर्वरक की होम डिलीवरी की तैयारी पूरी कर ली है। खरीफ अभियान ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, शुजागंज (अयोध्या)। किसानों को अब उर्वरक के लिए साधन सहकारी समितियों पर लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा। सहकारिता विभाग ने बी-पैक्स समितियों के जरिए खाद, बीज और कीटनाशकों की होम डिलीवरी की तैयारी पूरी कर ली है। आगामी खरीफ अभियान 2026-27 से डिजिटल एप के माध्यम से उर्वरक वितरण शुरू करने की योजना है, जिससे करीब 69 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

उर्वरक वितरण को पारदर्शी और सरल बनाने के उद्देश्य से विशेष डिजिटल एप विकसित किया गया है। इस व्यवस्था के तहत शेयर धारक किसानों का पूरा डाटा आइएफएमएस पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। इसमें किसान का नाम, फोटो, पता, जोत रकबा और उर्वरक की आवश्यकता का विवरण दर्ज होगा। एक अप्रैल से इसे उर्वरक एप से जोड़ा जाएगा, जिससे किसान जरूरत पड़ने पर आनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।

Home delivery of fertilizer will be done at home (1)

24 घंटे के अंदर किसान के पते पर पहुंचेगी खाद 

बुकिंग के 24 घंटे के भीतर जोत मानक के अनुसार खाद की आपूर्ति संबंधित किसान के पते पर सोसाइटी के माध्यम से कराई जाएगी। इससे किसानों को यह जानने के लिए समिति का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा कि खाद आई या नहीं। वितरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने से पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

रुदौली में 19 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। सदस्यता अभियान के तहत 226 रुपये शुल्क जमा कर सहकारिता का शेयर खरीदने वाले किसानों का डाटा फीड किया जा रहा है।

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इस बार 3800 सदस्यता लक्ष्य के सापेक्ष 3000 किसानों को विभाग ने सदस्य बनाया है। आनलाइन सदस्यता प्रक्रिया अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक किसान सहकारी व्यवस्था से जुड़ कर खाद, ऋण, बीज अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

Home delivery of fertilizer will be done at home (2)

एडीओ कोआपरेटिव जयचंद वर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन से डिजिटल एप के जरिए उर्वरक वितरण की प्रक्रिया लागू की जाएगी। किसानों और कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।