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यूपी में मखाना की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार इस योजना में दे रही 50% अनुदान

By Nafees Edited By: Sakshi Gupta
Published: Mon, 24 Aug 2026 01:19 PM (IST)

तराई क्षेत्र के किसानों के लिए मखाना की खेती आय बढ़ाने का नया जरिया बन रही है। उद्यान विभाग मखाना ...और पढ़ें

मखाना की खेती करने वाले किसानों को सरकार दे रही  50% अनुदान।

मखाना की खेती करने वाले किसानों को सरकार दे रही 50% अनुदान।

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जागरण संवाददाता, अयोध्या। तराई क्षेत्र के किसानों के लिए मखाना की खेती आय बढ़ाने का नया जरिया बन सकती है। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की मखाना विकास योजना के तहत किसानों की ओर से आवेदन शुरू हो गए हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है। एक हेक्टेयर तालाब में मखाना की खेती करने वाले पात्र किसान को खेती की लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान उद्यान विभाग की ओर से दिया जाएगा।

रुदौली समेत तराई क्षेत्र में वेटलैंड और बड़ी संख्या में राजस्व ताल-पोखरों की उपलब्धता को देखते हुए मखाना उत्पादन की अच्छी संभावना मानी जा रही है। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में मखाना की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का विकल्प बन सकती है।

सरकार दे रही 50% अनुदान

मखाना की खेती मुख्य रूप से पानी में की जाती है। जिन किसानों के पास पहले से तालाब नहीं है। वे खेत तालाब योजना के तहत अपने खेत में तालाब की खोदाई करा सकते हैं। भूमि संरक्षण विभाग की योजना से तालाब निर्माण के लिए अधिकतम 52,500 रुपये तक अनुदान दिए जाने का प्रविधान है।

किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इस तरह मखाना उत्पादन के इच्छुक किसानों को दो विभागों की योजनाओं का लाभ मिल सकता है। तालाब तैयार कराने के लिए भूमि संरक्षण विभाग से सहायता और मखाना उत्पादन की लागत में उद्यान विभाग से अनुदान मिलने से किसानों की शुरुआती लागत कम होगी।

31 मार्च तक किए जा सकते हैं आवेदन

मखाना को पौष्टिक खाद्य पदार्थ और हेल्दी स्नैक के रूप में बाजार में अच्छी मांग मिल रही है। विभाग का मानना है कि इसकी खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जलभराव वाले ऐसे क्षेत्र जहां पारंपरिक फसलों की खेती मुश्किल होती है, वहां मखाना उत्पादन बेहतर विकल्प बन सकता है।

उद्यान निरीक्षक यशवंत पटेल ने बताया कि मखाना उत्पादन के इच्छुक किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और 31 मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं।

एक हेक्टेयर तालाब में मखाना की खेती के लिए योजना के तहत लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। किसानों को उन्नत किस्मों, बोआई, फसल प्रबंधन और तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। किसानों को समय रहते पंजीकरण कराकर योजना का लाभ लेना चाहिए।

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