अयोध्या में विकास की बहार: एडीए ने 30 होटलों सहित 53 परियोजनाओं को दी मंजूरी, 10 करोड़ से अधिक की आय
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में विकास की गति तेज हुई है, जिसमें अयोध्या विकास प्राधिकरण ने तीन ...और पढ़ें

HighLights
अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद विकास में तेजी आई।
एडीए ने तीन माह में 30 होटलों सहित 53 मानचित्र स्वीकृत किए।
प्राधिकरण को मानचित्र अनुमोदन से 10 करोड़ से अधिक की आय हुई।
विनोद यादव, अयोध्या। भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या ने विकास के ट्रैक पर तेज गति से दौड़ना प्रांरभ किया है। यह तस्वीर विकास प्राधिकरण के हाल में किए गए मानचित्र अनुमोदन से सामने आई है।
गत तीन माह में एडीए ने 53 विभिन्न भवनों व होटलों तथा आवासीय भूखंड की प्लाटिंग के मानचित्र को मंजूरी दी है। इसमें 30 होटल हैं। इसके अलावा 16 कामर्शियल, पांच आवासीय व एक धार्मिक स्थल पर मुहर लगी है। इससे प्राधिकरण को 10 करोड़ 28 लाख 74 हजार 372 रुपये की आय हुई है। प्राधिकरण में ऐसा पहली बार हो रहा है।
बीते चार जून से एडीए सभागार में प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय गुरुवार को उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में सुबह दस बजे से आयोजित हो रहा है। इस कार्य में एडीए के इंजीनियरों को विशेष रूप से लोगों की मदद के लिए लगाया गया है।
नौ नवंबर 2019 को भगवान राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया। दिसंबर 2020 में एडीए सीमा का विस्तार हुआ। फिर प्राधिकरण का क्षेत्रफल 133.67 से बढ़कर लगभग 872.81 वर्ग किलोमीटर हो गया।
दिसंबर 2022 में शासन ने महायोजना 2031 भाग 'क' को हरी झंडी दी। प्राधिकरण सीमा में किसी भी प्रकार का निर्माण करने के लिए एडीए से अनुमति लेना जरूरी होता है। बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कराना एडीए की कार्रवाई के दायरे में आता है। लोगों की समस्या देखते हुए एडीए उपाध्यक्ष ने समाधान दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया।
जनता को सहूलियत, प्राधिकरण ने बढाई कमाई
प्राधिकरण में मानचित्र स्वीकृत कराने में लोगों को अब सहूलियत मिलने लगी है। पहले इसके लिए लोगों को प्राधिकरण का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। एडीए ने मानचित्र पास कराने के नाम पर लोगों को प्राधिकरण का बार-बार चक्कर लगाने जैसे संकट से मुक्त कर दिया है। एडीए ने डिजिटल सेवाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए जनता का काम आसान कर दिया है। वैध निर्माण और निवेश से प्राधिकरण के राजस्व में रिकार्ड बढ़ोतरी हो रही है।
लोगों से अपील है कि प्रत्येक माह में दो बार आयोजित हो रहे समाधान दिवस का लाभ उठाएं। व्यर्थ की भागदौड़ से बचें। किसी भी कार्रवाई से पहले प्राधिकरण में वह स्वयं समन मानचित्र प्रस्तुत करें।
-राजेश कुमार मिश्र, सचिव, एडीए
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