अयोध्या दीपोत्सव में दिखेगा त्रेतायुग का दृश्य, राम के आगमन की गाथा बयां करेगा राम की पैड़ी का शिलापट
अयोध्या दीपोत्सव की तैयारियां आस्था और विरासत को नए स्वरूप में प्रस्तुत कर रही हैं, जहां राम की पैड़ी पर एक शिलापट तैयार किया जा रहा है।
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राम के आगमन की गाथा बयां करेगा राम की पैड़ी का शिलापट
HighLights
राम की पैड़ी पर शिलापट राम के आगमन को दर्शाएगा।
दीपोत्सव में 30 लाख दीप और 2100 ड्रोन शो होगा।
2100 वैदिक ब्राह्मणों की सामूहिक आरती धार्मिक वैभव बढ़ाएगी।
प्रहलाद तिवारी, अयोध्या। रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारियां अब आस्था और विरासत को नए स्वरूप में प्रस्तुत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस बार दीपोत्सव स्थल राम की पैड़ी पर तैयार किया जा रहा शिलापट श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की उस ऐतिहासिक स्मृति से जोड़ेगा, जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे थे।
शिलापट पर राम के आगमन और उनके स्वागत में अयोध्यावासियों के दीप जलाने के प्रसंग को उकेरा जा रहा है। इसके जरिए श्रद्धालु दीपावली की परंपरा के पीछे छिपी धार्मिक मान्यता और रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को आसानी से जान सकेंगे।
राम की पैड़ी क्षेत्र में विकास कार्यों के क्रम में तैयार किया गया यह शिला पट दीपोत्सव के आकर्षण को विस्तार देने के साथ ही आयोजन को सांस्कृतिक पहचान देने का भी माध्यम बनेगा। इसमें रामायणकालीन प्रसंगों को शिल्प के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास किया गया है।
इससे दीपोत्सव केवल दीपों की सजावट और भव्य आयोजन तक सीमित न रह कर रामकथा की स्मृतियों से जुड़ने का अवसर भी बनेगा। एक ओर शिलापट राम के अयोध्या आगमन की स्मृति को सामने लाएगा, तो दूसरी ओर दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और आधुनिक तकनीक का समन्वय आयोजन को विशिष्ट बनाएगा।
अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव को लेकर राम की पैड़ी क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। दीपोत्सव स्थल पर शिलापट तैयार किया गया है, जिससे श्रद्धालु अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें। दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं। दीपोत्सव में रामकथा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक प्रस्तुति का संगम देखने को मिलेगा।
दीपों के साथ तकनीक और परंपरा का संगम
दीपोत्सव में इस बार 30 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है। वहीं, 2100 ड्रोन के माध्यम से प्रस्तावित शो आसमान में भव्य दृश्य रचेगा। 2100 वैदिक ब्राह्मणों की सामूहिक आरती आयोजन के धार्मिक वैभव को और बढ़ाएगी। रामायण के प्रसंगों और दृश्यों को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है।
