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रामनगरी के सभी जातीय मंदिरों के महंत बनेंगे अयोध्या दीपोत्सव के मुख्य अतिथि, लिस्ट हो गई तैयार

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:52 PM (IST)

अयोध्या दीपोत्सव के दसवें संस्करण में इस बार रामनगरी के सभी जातीय मंदिरों के महांतों व प्रभारियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

अयोध्या राम मंदिर।

अयोध्या राम मंदिर।

HighLights

  1. दीपोत्सव में जातीय मंदिरों के महंतों को आमंत्रण मिलेगा।

  2. महापौर गिरीशपति त्रिपाठी के निर्देशन में सूची तैयार।

  3. सभी जाति वर्गों की दीपोत्सव में सहभागिता सुनिश्चित होगी।

जागरण संवाददाता, अयोध्या। दीपोत्सव के दसवें संस्करण में भी इस बार रामनगरी के सभी जातीय मंदिरों के महंतों व प्रभारियों को सम्मिलित किया जाएगा।

इन्हें भी अयोध्या के अन्य मठ-मंदिरों के महंतों की भांति विधिवत अक्षत, मिष्ठान्न व आमंत्रण पत्र देकर दीपोत्सव का आमंत्रण भेजा जाएगा। तीन कलश तिवारी मंदिर के महंत व महापौर गिरीशपति त्रिपाठी के निर्देशन में इनकी सूची तैयार की जा रही है। पिछले दीपोत्सव में भी इन मंदिरों के महंतों को आमंत्रित किया गया था।

रामनगरी में वर्ष 2017 से आयोजित हो रहे दिव्य दीपोत्सव में रामनगरी के विभिन्न मठ-मंदिरों के महंतों और प्रमुख साधु-संतों को प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से आमंत्रण भेजा जाता रहा है।

यद्यपि दीपोत्सव में इनकी सहभागिता अवश्य रहती थी, लेकिन इन्हें विधिवत आमंत्रण नहीं प्रेषित किया जाता था। इससे इन महंतों में रोष था। वर्ष 2024 के दीपोत्सव में कारसेवकपुरम में हुई बैठक में इन्हें भी अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की सहमति बनी, तो सभी तीन दर्जन मंदिरों के महंतों को आमंत्रित किया जाने लगा।

तत्समय महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने जातीय मंदिरों के महंतों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई थी।

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मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से हर्षोल्लासपूर्वक दीपोत्सव में सम्मिलित होने का अनुरोध किया था। महापौर ने बताया कि शीघ्र ही सूची फाइनल करके इस वर्ष भी प्रमुख मठ-मंदिरों सहित सभी जातीय मंदिरों के महंतों व प्रभारियों को आमंत्रण भेजा जाएगा। इससे सभी जाति वर्गों की भी दीपोत्सव में प्रतिभागिता सुनिश्चित हो सकेगी।

रामनगरी में निर्मित हैं लगभग तीन दर्जन जातीय मंदिर

अयोध्या की चारों दिशाओं में लगभग 36 जातीय मंदिर स्थित हैं, जिनमें कुर्मी, धोबी, पटवा, कलवार, कसेरा, हलवाई (मोदनवाल), विश्वकर्मा, पासी, सोनार, यादव, निषाद, मुराव, खटिक, लकड़हारा, कसौंधन, बरई, भुज, राजभर, मद्देशिया, कुशवाहा, पटेल, दांगी मंदिर, संत रविदास मंदिर, गहोई, साहू सहित अन्य हैं।

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